बुधवार, अक्टूबर 16, 2019

जंक फूड स्वास्थ्य के लिए हो सकता है हानिकारक, जानें नुकसान

Must Read

पीकेएल-7 : पहली बार फाइनल खेलने के लिए बेंगलुरु से भिड़ेगी दिल्ली

अहमदाबाद, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। दबंग दिल्ली प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सातवें सीजन में आज यहां ट्रांसस्टेडिया स्थित ईका...

बिहार : बुजुर्ग की तालाब क्रांति ने सूखे खेतों में ला दी हरियाली

बांका (बिहार), 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के कई जिले प्रत्येक साल प्राकृतिक प्रकोप का शिकार बनते रहे हैं। बांका...

कोई भी होमगार्ड बेरोजगार नहीं होगा : चेतन चौहान

लखनऊ, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि किसी भी होमगार्ड को नहीं...
पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)| एक नए अध्ययन में संकेत मिला है कि जो कर्मचारी कार्यस्थल पर अस्वास्थ्यकर भोजन खाते हैं, ऐसे लोगों में डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है। चिकित्सक की सलाह है कि कार्यस्थल पर जंक फूड की जगह फास्ट फूड को तरजीह दें।

अस्वास्थ्यकर भोजन के विकल्प भी समय के साथ मोटापे का कारण बन सकते हैं। इस तथ्य पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियांे के चलते कार्यालय में अनुपस्थिति, कम उत्पादकता की शिकायतें झेलनी पड़ सकती हैं।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि जंक फूड खाने से अधिक वसा एकत्र होने की प्रवृत्ति होती है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है। इसका एक प्रमुख कारण लोगों की आज की जीवनशैली है। दौड़ते-भागते और तेज-रफ्तार जीवन के कारण अक्सर लोग सुबह नाश्ता नहीं कर पाते और दिन के बाकी समय अस्वास्थ्यकर और फटाफट वाला भोजन खाते हैं।

उन्होंने कहा कि काम के दौरान जंक फूड (ट्रांस फैट्स वाली रिफाइंड कार्ब्स) की जगह फास्ट फूड (फल, दूध, दही, सलाद, ड्राइफ्रूट्स, सत्तू, नींबू पानी, गन्ने का रस या शहद) लेना चाहिए। लोगों को कैफेटेरिया या वर्कप्लेस में फल और सब्जियां स्टॉक करना, मिठाई की जगह फल पर अधिक जोर देना चाहिए।

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “किसी को भी जरूरत से अधिक भोजन नहीं करना चाहिए। स्वाद कलिकाएं केवल जीभ के सिरे और किनारे पर होती हैं। यदि आप जल्दी-जल्दी भोजन करते हैं, तो मस्तिष्क को संकेत नहीं मिलेंगे। छोटे ग्रास बनाकर खाने और उन्हें ठीक से चबाने से स्वाद कलियों के माध्यम से संकेत दिमाग को मिलते हैं। मस्तिष्क को केवल तभी संकेत मिलता है, जब पेट 100 प्रतिशत भरा होता है। इस प्रकार, कोई कितना खा सकता है, यह पेट की परिपूर्णता पर निर्भर करता है।”

डॉ. अग्रवाल के कुछ सुझाव :

* कम खाएं और धीरे-धीरे खाकर अपने भोजन का आनंद लें।

* अपनी आधी थाली फल और सब्जियों से भरें।

* बड़े कौर न खाएं, उनकी वजह से वजन बढ़ सकता है।

* कम से कम आधा अनाज साबुत होना चाहिए।

* ट्रांस फैट और चीनी की अधिकता वाली चीजें न खाएं।

* स्वस्थ वसा चुनें। वसा रहित या कम वसा वाले दूध और डेयरी उत्पादों का उपयोग करें।

* खूब पानी पिएं। शर्करा युक्त पेय से बचें।

* उन खाद्य पदार्थों से बचें, जिनमें सोडियम का स्तर उच्च होता है, जैसे स्नैक्स और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।

* इस सबसे बढ़कर, अपनी गतिविधि के हिसाब से अपने भोजन के विकल्पों को संतुलित करें।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

पीकेएल-7 : पहली बार फाइनल खेलने के लिए बेंगलुरु से भिड़ेगी दिल्ली

अहमदाबाद, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। दबंग दिल्ली प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सातवें सीजन में आज यहां ट्रांसस्टेडिया स्थित ईका...

बिहार : बुजुर्ग की तालाब क्रांति ने सूखे खेतों में ला दी हरियाली

बांका (बिहार), 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के कई जिले प्रत्येक साल प्राकृतिक प्रकोप का शिकार बनते रहे हैं। बांका जिले के कई प्रखंड भी...

कोई भी होमगार्ड बेरोजगार नहीं होगा : चेतन चौहान

लखनऊ, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि किसी भी होमगार्ड को नहीं निकाला जाएगा, सभी अपनी दीपावली...

देश में अब फतवों की राजनीति नहीं चलेगी : योगी

लखनऊ, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में फतवों की राजनीति...

छत्तीसगढ़ में पार्षद चुनेंगे महापौर और पालिकाध्यक्ष, मसौदा तैयार

रायपुर, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनावों में महापौर, नगर पािलका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -