Sat. Apr 13th, 2024
    बांग्लादेश की प्रधानमन्त्री शेख हसीना

    बांग्लादेश में रविवार को हुए आम चुनावों का बचाव करते हुए प्रधानमन्त्री शेख हसीना ने विपक्षियों को खुद की पराजय का दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार की जनता समर्थित नीतियों ने ही उन्हें शानदार जीत हासिल करने में मदद की है। अवामी लीग ने राष्ट्रीय संसद की 96 फीसदी सीटों पर अपना परचम लहराया है।

    उन्होंने कहा कि यह चुनाव निष्पक्ष व स्वतंत्र थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हर सीट से अपने चार या पांच उम्मीदवार खड़े किये थे और उनमे से अधिकतर जीतने योग्य दावेदार थे।  उन्होंने कहा उनके पास ढाका से जिया उर रहमान जैसे भरोसेमंद उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें दावेदारी नहीं दी गयी थी। उन्होंने कहा कि यदि आपके पास उचित उमीदवार है और आप उन पर यकीन नहीं करेंगे, तो आप जीत नहीं सकते है।

    उन्होंने कहा कि वास्तव में विपक्षी पार्टी की हार के जिम्मेदार वह खुद हैं, गलती उन्ही की थी। उनमे से कुछ उमीदवार सक्रिय थे लेकिन उन्हें प्रचार में शामिल होने से इनकार कर दिया था। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश नेशनल पार्टी और जमात ए इस्लामी की मुख्या समस्याएं आतंकी गतिविधियों में रहना है, जिन्होंने लोगों को उनसे दूर रखा था। विपक्षी गठबंधन ने 2013-15 में 3900वाहनों में आग लगा दी थी जिसमे 500 लोग मारे गए थे।

    गाड़ियों और वाहनों में आग लगा दी थी, यह आतंकी गतिविधियाँ हैं और लोगों ने ऐसी गतिविधियों को अस्वीकार कर दिया था। शेख हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान किये गए कार्यों का ब्यौरा दिया था। उन्होंने कहा कि आवामी लीग का विकास का मॉडल बनाया है। उन्होंने कहा कि देश की गरीबी का स्तर 40 प्रतिशत से घटकर 21 प्रतिशत हो गयी थी। उन्होंने कहा कि इस विकास का फल हमें मिला और लोगों ने हमें वोट दिया है।

    शेख हसीना ने लोकतंत्र को मज़बूत करने की आवश्यकता ओ दोहराया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र प्रणाली के बिना देश प्रगति नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम आगामी पांच वर्षों से जनता से संपर्क साधने की कोशिश करेंगे और उन्हें हमारी आलोचना करने का अधिकार प्राप्त है।

    चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे प्रश्न का जवाब देते हुए शेख हसीना ने कहा कि अगर शिकायत दर्ज की जाती है तो आयोग जांच करने के लिए स्वतंत्र हैं। चटगाँव के मतदान केंद्र के बाहर मतपेटी मिलने के बाबत प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी मामले मनगढ़ंत हैं और ऐसे मामले एक प्रतिशत से भी कम है। 

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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