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खेल सिद्धांत: परिभाषा, अवधारणा, प्रकार, उदाहरण एवं बंदी की दुविधा

खेल सिद्धांत game theory in hindi

खेल सिद्धांत क्या है? (game theory meaning in hindi)

खेल सिद्धांत पारस्परिक निर्भरता से सम्बंधित स्थितियों में लोगों के तर्कसंगत व्यवहार का अध्ययन है। यह सिद्धांत तर्कसंगत व्यवहार करने वाले लोगों के समूह की बातचीत के विश्लेषण करने का एक औपचारिक तरीका है।

खेल सिद्धांत की अवधारणा (concept of game theory in hindi)

खेल सिद्धांत इस अवधारणा पर काम करता है कि एक तर्कसंगत व्यक्ति अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता है। पारस्परिक निर्भरता से मतलब है की एक व्यक्ति दुसरे लोगों की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर फैसले लेता है।

अतः एक व्यक्ति को यदि कोई फैसला लेना है तो उससे यह जानना होगा की लोगों का उस पर क्या फर्क पड़ेगा एवं वे कैसे प्रतिक्रिया देंगे।

खेल सिद्धांत के प्रयोग (uses of game theory in hindi)

खेल सिद्धांत का निम्न क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है :

  • मूल्य निर्धारण
  • उत्पादन के निर्णय में
  • उत्पाद के विकास में
  • उत्पाद के प्रचार में

खेल सिद्धांत के कुछ उदाहरण (examples of game theory in hindi)

  1. खरीददार एवं विक्रेता के बीच मोलभाव
  2. फर्म और उसके प्रतिस्पर्धी
  3. नीलामी
  4. बंदी की दुविधा(Prisoner’s Dilemma)

खेल सिद्धांत विश्लेषण (game theory in economics in hindi)

खले सिद्धांत में दो व्यक्तियों के व्यवहार का विश्लेषण गैर शून्यः खेल से किया जाता है जिसे बंदी की दुविधा भी कहा जाता है। यह मेरिल फ्लड और मेल्विन ड्रेशर द्वारा 1950 में तैयार किया गया था।

इसके अंतर्गत एक आपराधिक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया जाता है और जेल में डाल दिया जाता है। प्रत्येक कैदी एकांत कारावास में है, जिसमें दूसरे के साथ संवाद करने का कोई साधन नहीं है। अभियोजकों के पास मुख्य आरोप में जोड़े को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उन्हें कम इल्जाम पर दोनों को एक साल की जेल की सजा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, अभियोजक प्रत्येक कैदी को सौदेबाजी का प्रस्ताव देते हैं। प्रत्येक कैदी को अवसर दिया जाता है की या तो वह दुसरे कैदी को धोका देकर उसको दोषी ठहराए , या फिर चुप रहकर दूसरे का सहयोग करें।

  • यदि A और B प्रत्येक के साथ विश्वासघात करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक को दो वर्ष जेल में काटने होंगे।
  • यदि A, B को धोखा देता है, लेकिन B चुप रहता है, तो A मुक्त हो जाएगा, और B तीन वर्ष जेल में रहेगा (और इसके विपरीत)
  • यदि A और B दोनों चुप रहते हैं, तो दोनों को केवल एक वर्ष की जेल (कम इल्जामों पर) होगी

खेल में दो खिलाड़ी “सहयोग” या “दोष” दोनों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। विचार यह है की यदि दोनों बंदी यदि एक दुसरे का सहयोग करते हैं तो दोनों को फायदा होगा, यदि एक सहयोग करता है तो धोखा देने वाले को ज्यादा फायदा होगा लेकिन यदि दोनों एक दुसरे को धोखा देते हैं तो दोनों को घाटा होगा।

इस तरह लोगों के व्यवहार का विश्लेषण किया जाता है एवं फैसले के हिसाब से दुसरे लोगों की प्रतिक्रिया जान ली जाती है। आगे के फैसले लोगों की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर लिए जाते है।

इस लेख से सम्बंधित यदि आपका कोई भी सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

About the author

विकास सिंह

विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

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