शनिवार, दिसम्बर 7, 2019

केंद्र सरकार ने जयपुर, अहमदाबाद समेत 6 और एयरपोर्ट के प्रबंधन की जिम्मेदारी निजी हाथों में दी

Must Read

जीएसटी परामर्श दिवस पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुझाव मांगे

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए...

हॉकी : भारतीय महिला जूनियर टीम ने न्यूजीलैंड को 4-1 से हराया

भारतीय महिला जूनियर हॉकी टीम ने यहां जारी तीन देशों के हॉकी टूर्नामेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते...

दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए इंग्लैंड की टेस्ट टीम में लौटे जेम्स एंडरसन और मार्क वुड

इसी महीने होने वाले दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए जेम्स एंडरसन इंग्लैंड की टेस्ट टीम में वापसी हुई है।...
आदर्श कुमार
आदर्श कुमार ने इंजीनियरिंग की पढाई की है। राजनीति में रूचि होने के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कई वेबसाइट पर स्वतंत्र लेखक के रूप में काम किया है। द इन्डियन वायर पर वो राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते हैं।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश के 6 हवाई अड्डों के प्रबंधन की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को देने का फैसला किया। इन एयरपोर्ट में जयपुर और अहमदाबाद हवाई अड्डा भी शामिल है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि निजी भागीदारी के माध्यम से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, कोच्चि और हैदराबाद में पांच हवाई अड्डों के बेहतरीन प्रबंधन ने सरकार को ये फैसला लेने के लिए प्रोत्साहित किया इसलिए छह और हवाई अड्डों के प्रबंधन में इसी तरह की पद्धति को अपनाया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय हवाईअड्डे प्राधिकरण के जिन छह हवाई अड्डों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत देने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी उनके नाम है अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरू हवाई अड्डा।

कैबिनेट के एक बयान के मुताबिक निजी भागीदारी से एयरपोर्ट के बुनियादी सुधार, सर्विस, विशेषज्ञता और कमर्शियल फायदे में मदद मिलेगी। कैबिनेट ने कहा कि हम पहले दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोच्चि एयरपोर्ट के अनुभवों को देख चुके हैं।

पीपीपी मॉडल के जरिये सरकार के राजस्व में वृद्धि होती है और लोगों को सही सुविधाएँ भी मिलती है। सरकार का मानना है कि ये कदम भारत में विदेशी निवेश के रास्तों को खोलेगा।

भारत के नागर विमानन मार्केट में पिछले 4 सालों में 19 फ़ीसदी की बढ़त दर्ज की गई है और 2025 तक ये अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर पर होगा। सरकार का उद्देश्य विमान यात्रियों की संख्या को बढ़ाना है।  2017 में ये संख्या 265 करोड़ था। सरकार का मानना है कि लोगों को जितनी सुविधाएं मिलेंगी उतना ही उनका झुकाव विमान यात्रा की तरफ होगा।

कैबिनेट ने 996 कंपनियों में 65 मिलियन “दुश्मन शेयर” बेचने का भी फैसला किया। ये ऐसे लोग हैं जो विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए। ये शेयर 20,323 शेयरधारकों के पास थे और गृह मामलों के मंत्रालय के अधीन है। क़ानून मंत्री प्रसाद ने कहा कि मौजूदा मूल्यांकन के मुताबिक सरकार इन शेयरों का कुल मूल्य 3,000 करोड़ रुपये मानती है। 996 फर्मों में से केवल 588 कार्यात्मक हैं, जिनमें से 139 सूचीबद्ध हैं।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

जीएसटी परामर्श दिवस पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुझाव मांगे

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए...

हॉकी : भारतीय महिला जूनियर टीम ने न्यूजीलैंड को 4-1 से हराया

भारतीय महिला जूनियर हॉकी टीम ने यहां जारी तीन देशों के हॉकी टूर्नामेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शनिवार को न्यूजीलैंड को...

दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए इंग्लैंड की टेस्ट टीम में लौटे जेम्स एंडरसन और मार्क वुड

इसी महीने होने वाले दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए जेम्स एंडरसन इंग्लैंड की टेस्ट टीम में वापसी हुई है। एंडरसन एशेज सीरीज के पहले...

मायावती ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलकर महिला सुरक्षा पर कड़े कदम उठाने की अपील

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों ने सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ मोर्चेबंदी की। सपा, कांग्रेस...

एप्पल 2021 में लॉन्च कर सकती है पूर्ण वायरलेस आईफोन

प्रसिद्ध विश्लेषक मिंग-ची कुओ ने खुलासा किया है कि एप्पल कंपनी 2021 में पूरी तरह से वायरलेस आईफोन लॉन्च करने की योजना बना रही...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -