Sat. Dec 10th, 2022
    नरेंद्र मोदी भाजपा बैठक

    देशभर में ‘मोदी लहर’ कायम है। विपक्षी दल भले ही इस ऐसी किसी संभावना से इंकार करते हो पर आंकड़ें इसकी हकीकत बयान कर रहे हैं। अगर अभी देश में चुनाव हुए तो भाजपा भारी बहुमत से जीतेगी। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को 2014 के मुकाबले ज्यादा सीटें मिलेंगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए को 75 सीटें मिलने की उम्मीद है जबकि अन्य दलों को 119 सीटें मिलने की बात सामने आ रही है। इस लिहाज से 2019 में भी भाजपा की ही सरकार बनेगी और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने रहेंगे। प्रमुख समाचार चैनल ‘आजतक’ और पत्रिका इंडिया टुडे ने कार्वी इंसाइट लिमिटेड नामक कंपनी के साथ मिलकर यह सर्वे कर देश का मिजाज जानने की कोशिश की है। इस सर्वे में देशभर के 19 राज्यों को शामिल किया गया था और 97 संसदीय क्षेत्रों में पड़ने वाली 194 विधानसभाओं के 12,178 लोगों की राय ली गई।

    मोदी लहर
    मोदी लहर

    सर्वे में शामिल लोगों में 68 फ़ीसदी ग्रामीण लोग थे और 32 फ़ीसदी लोग शहरी थे। सर्वे में शामिल राज्यों में महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के नाम थे। हालांकि 6 महीने पहले हुए सर्वे की तुलना में एनडीए को 11 सीटें कम मिल रही हैं लेकिन अभी भी वह बहुमत के आंकड़ें से काफी आगे है। अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो एनडीए को 42 प्रतिशत वोट मिलने की सम्भावना जताई गई वहीं यूपीए को 28 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही गई।

    भाजपा को 298 सीटें मिलने की सम्भावना जाहिर की गई वहीं कांग्रेस को 47 और अन्य को 198 सीटों पर कामयाबी मिलने की बात सामने आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का अबतक का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री बताया गया। लोकप्रियता के मामले में नरेंद्र मोदी इंदिरा गाँधी से 2 गुना और पंडित जवाहर लाल नेहरू से 4 गुना आगे रहे। सर्वे के नतीजे तो भाजपा और मोदी सरकार के लिए शुभ संकेत हैं पर अब यह देखना होगा कि क्या मोदी-शाह की करिश्माई जोड़ी इन संकेतों को अंजाम तक पहुंचा पाती है।

    By हिमांशु पांडेय

    हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है।मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।