एयरटेल को मिला 525 मिलियन डॉलर का निवेश; जिओ से बढती प्रतिस्पर्धा में मिलेगी मदद

भारती एयरटेल में सिंगटेल का निवेश

भारतीय टेलिकॉम बाज़ार में प्रदाताओं के बीच प्रतिस्पर्धा चरम पर है और ऐसे में एयरटेल को इस परिस्थिति को संभालने में मदद करने के लिए सिंगटेल जोकि सिंगापुर की एक टेलिकॉम प्रदाता कंपनी है ने एयरटेल में कुल 525 मिलियन डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है।

जिओ ने किया बाज़ार पर कब्ज़ा :

एयरटेल जोकि भारतीय शीर्ष प्रदाताओं में से एक है, जिओ के प्रवेश के बाद इसे लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे पहले जिओ ने मुफ्त सुविधाएं दी और उसके बाद सस्ती सुविधाएं प्रदान कर रहा है जिससे अब प्रीपेड प्लान के मूल्यों पर प्रतिस्पर्धा चल रही है जिसमे जिओ की ही विजय होती ज्ञात हो रही है।

इसी वजह से एयरटेल घाटा झेल रहा है और बड़े कर्ज में डूबा हुआ है। सिंगटेल द्वारा इस समय किये गए जरूरी निवेश से एयरटेल अपने कर्ज चुकाएगा और अपनी बैलेंस शीट को सही करेगा।

एयरटेल की योजना :

अपने कर्ज और घाटे से उबरने के लिए एयरटेल ने कुल 4.6 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनायी है। एयरटेल के दो अन्य प्रमुख शेयरधारक – भारती ग्रुप और भारती टेलीकॉम – राइट्स इश्यू में अपने पूर्ण अधिकार के लिए सदस्यता लेंगे, जबकि सिंगापुर के राज्य समर्थित जीआईसी लगभग 5000 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा।

31 दिसंबर, 2018 तक एयरटेल का कुल ऋण 15 बिलियन डॉलर या लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक था, जबकि इसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 17.5 बिलियन डॉलर है। उस समय सिंगटेल का कुल ऋण $ 9.75 बिलियन ($7 बिलियन) था।

सिंगटेल एयरटेल, सब्सक्राइबर्स के मामले में भारत के No.2 टेल्को के 170 मिलियन नए शेयर खरीदेगी। यह एयरटेल में 39.5 प्रतिशत से 35.2 प्रतिशत तक प्रभावी ब्याज को कम करेगा। सिंगापुर के सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटर ने अक्सर कहा है कि वह एयरटेल में अपने निवेश का एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखता है, जिसे उसने गुरुवार को फिर से दोहराया। यह एयरटेल की होल्डिंग कंपनी भारती टेलीकॉम के केवल 50% हिस्से का मालिक है।

न्यूनतम रिचार्ज स्कीम से एयरटेल आय बढाने पर केन्द्रित :

एयरटेल के अनुसार ऐसा करने पर उसे ऐसे ग्राहकों का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा जोकि बिलकुल भी आय नहीं दे रहे हैं। इस योजना को चालु करने पर एयरटेल के कार्यकारी ने कहा था की हमें आशा है की इस योजना के लांच होने से हम करीब 5 करोड़ उपभोक्ता और खो सकते हैं लेकिन अब हम आय न देने वाले यूजर्स का बोझ नहीं उठाएंगे।

न्युनतम रिचार्ज स्कीम एक ऐसी योजना है जिसके अंतर्गत यदि ग्राहक को किसी टेलिकॉम सर्विस प्रदाताओं की सुविधाओं का प्रयोग करना है तो हर महीने उसे कुछ न्यूनतम शुल्क देना होगा। यह योजना एयरटेल द्वारा हाल ही में लांच की गयी थी क्योंकि उसकी आय प्रति ग्राहक बहुत कम थी।

बतादें की एयरटेल के ग्राहकों की संख्या में तेजी से कमी दर्ज की जा रही है। भारती एयरटेल ने दिसम्बर माह में अपने 15 लाख ग्राहकों के खोने की सुचना दी जिससे एयरटेल के ग्राहक 34 करोड़ तक पहुँच चुके है। इसके साथ ही एयरटेल ने कम आय देने वाले लगभग 5.7 करोड़ उपभोक्ताओं को गिनना बंद कर दिया जिससे इसके कुल उपभोक्ता अब 28 करोड़ के करीब हो गए हैं।

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