रविवार, दिसम्बर 8, 2019

ईरान, यमन से जलमार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका चाहता है सैन्य गठबंधन

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

ईरान और यमन के रणनीतिक जलमार्ग के बाचाव के लिए अमेरिका अपने सहयोगियों से अगले दो हफ्ते में सैन्य गठबंधन चाहता है। यहाँ वांशिगटन ने ईरान और ईरान समर्थित लडाकों को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हाल ही में फाइनल हुई योजना के तहत अमेरिका कमांड जहाजो को मुहैया करेगा और सैन्य गठबंधन के लिए निगरानी प्रयासों का नेतृत्व करेगा।

अमेरिकी कमांड जहाजों और व्यवसायिक जहाजो के नजदीक सहयोगी गश्त करेंगे। मरीन जनरल जोशेफ दुंफोर्ड ने मंगलवार को अमेरिका के कार्यकारी रक्षा सचिव मार्क एस्पर और राज्य सचिव माइक पोम्पियो से मुलाकात की थी।

दुंफोर्ड ने कहा कि “अब हमारे कई देशों के साथ संपर्क हैं, अगर हम एकजुट होकर एक गठबंधन बनाते हैं जो होरमुज़ के जलमार्ग और बाब अल मंदाब दोनों में स्वतंत्र नौचालन को सुनिश्चित करेगा। मेरे विचार से अगले कुछ हफ्तों में हम पहचान कर लेंगे कि  किन राष्ट्रों में इस पहल को समर्थन करने की इच्छा हैं और तब हम सेना के साथ सीधे कार्य करेंगे ताकि विशिष्ट काबिलियत की पहचान की जा सके।”
ईरान ने लम्बे समय से होर्मुज़ जलमार्ग को बंद करने की धमकी दी थी। इस इलाके से करीब विश्व का पांचवे भाग का तेल निर्यात किया जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तेहरान की परमाणु कार्यक्रम पर संधि पर बातचीत करने के लिए दबाव बनाया था।
जलमार्ग पर शिपिंग की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के अमेरिकी प्रस्ताव को गति मिलना तब शुरू हुआ जब मई और जून में खाड़ी जल पर टैंकर पर हमला किया था। बीते महीने ईरान ने अमेरिकी निगरानी ड्रोन को मार गिराया था। इसके प्रतिकार में डोनाल्ड ट्रम्प ने हमले के आदेश दिए थे जिसे हमले से 10 मिनट पूर्व ही वापस ले लिए था।

जापान के डिप्टी कैबिनेट सचिव ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया था। कोटरों नोगामी ने कहा कि “हम मध्य पूर्व में तनावों के बारे में बेहद चिंतित है। हमारे राष्ट्र की उर्जा सुरक्षा  के लिए होरमुज़ जलमार्ग की सुरक्षा की गारंटी बेहद जरुरी है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समाज की शान्ति और समृद्धता के लिए भी आवश्यक है। जापान अमेरिका और अन्य सम्बंधित राष्ट्रों के साथ संपर्क में रहेगा।”

अमेरिकी अधिकारीयों ने सार्वजानिक तौर पर जलमार्ग की सुरक्षा की योजना पर चर्चा की। अमेरिका के साथ ही सऊदी अरब और यूएई को ईरान समर्थिक हौथी विद्रोहियों का जलमार्ग पर हमले की आशंका है।

दुंफोर्ड ने कहा कि “अमेरिका कमांड और  कंट्रोल जहाजों को मुहैया करेगा लेकिन अन्य देशो का लक्ष्य है कि वह उन कमांड जहाजों के बीच गश्त के लिए जहाजों को मुहैया करे। इस अभियान का माप देशों की संख्या के आधार पर रखा जायेगा।”

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