डोनाल्ड ट्रम्प ईरान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान पर दूसरे चरण के प्रतिबंध 5 नवंबर से प्रभावी हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह ईरान के दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार के निर्माण करने पर रोक लगाएंगे। अमेरिका ने साल 2015 में ईरान के साथ हुई परमाणु संधि को तोड़ दिया था और ईरान पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

भारत ने प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से तेल आयात करने का निर्णय लिया है ऐसे में भारत को भी अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि भारत सहित सभी देशों को ईरान से तेल खरीदना 5 नवंबर तक शून्य कर देना चाहिए।

इन प्रतिबंधों से बचने के लिए भारत को अमेरिका से रियायत लेनी होगी या ईरान से तेल का आयात शून्य करना होगा।

डोनाल्ड ट्रम्प ने साथ ही कहा कि ईरान के साथ ही लेबनान के आतंकी समूह हिज़बुल्लाह पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। ईरान में सुधार नही हुआ तो और प्रतिबंध थोपे जाएंगे।

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े आतंकवाद के समर्थक को खतरनाक हथियार के निर्माण की अनुमति अमेरिका कतई नही देगा। उन्होंने कहा वह ऐसा होने नहीं देंगे।

अमेरिका की सरकार ने साफ कहा है कि 4 नवंबर के बाद जो देश ईरान के साथ सौदेबाज़ी करता है उस देश में अमेरिका की आर्थिक और बैंकिंग प्रणाली पर रोक लगा दी जाएगी।

भारत ने ईरान से तेल आयात में कमी की है। ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है ऐसे में भारत के लिए तेल आयात को शून्य करना मुश्किले बढ़ा सकता है।

भारत और अमेरिका तेल आयात को शून्य करने के बाबत बातचीत कर रहे हैं। हाल ही हुई 2+2 वार्ता के दौरान अमेरिका के अधिकारियों ने भारत को तेल आयात शून्य करने में रियायत देने का आश्वसान दिया था।

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