सोमवार, जनवरी 27, 2020

2018 में 4जी पॉवर बन जाएगा भारत, रिलायंस जियो की भूमिका

Must Read

ताइवान में कोरोनावायरस संबंधी मामले बढ़कर 4 हुए

ताइपे, 27 जनवरी (आईएएनएस)| ताइवान की एक और महिला के कोरोनोवायरस (Corona Virus) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई...

अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र के 11 उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई को हाईकोर्ट सहमत

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)| दिल्ली हाईकोर्ट नई दिल्ली विधानसभा के लिए नामांकन करने से रोके गए 11 उम्मीदवारों...

आरएसएस का पहला सैनिक स्कूल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में

लखनऊ, 27 जनवरी (आईएएनएस)| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संचालित पहला सैनिक स्कूल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में इस...

भारत 2018 में 4जी पॉवर बनने को तैयार बैठा है। वैश्विक संस्था क्रिसिल के अनुसार, साल 2020 तक भारत में डेटा खपत 40 फीसदी से बढ़कर 80 फीसदी हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, टेलिकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो के आने के बाद से भारत 4जी पॉवर बनने की ओर अग्रसर हुआ है।

जियो की लांचिंग के 6 महीने बाद इंटरनेट यूजर्स जियो के एलटीई सिग्नल का 91.6 प्रतिशत प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं। दिलचस्प बात तो यह ​है कि इस सूची में जियो को शीर्ष स्थान पर रखा गया है, क्योंकि एयरटेल और वोडाफोन जैसी प्रतिद्वंदी कंपनियां 60 फीसदी से ज्यादा स्कोर हासिल नहीं कर पा रही हैं।

हांलाकि इन 6 महीनों में इन कपंनियों ने खुद को अपग्रेड किया है, लेकिन ये जियो पर बढ़त हासिल करने में कामयाब नहीं हो सकी। जबकि इसी अवधि में जियो 95.6 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया। 4जी कनेक्शनों की बढ़ोतरी का सबसे प्रमुख कारण यह है कि कई टेलिकॉम कंपनियां फ्री वॉयस कॉल सर्विस और सस्ती डेटा प्लान उपलब्ध करा रही हैं।

यही नहीं कुछ कंपनियों ने भारत में सस्ते 4जी मोबाइल स्मार्टफोन की घोषणा भी की है, जिसका आगामी असर टेलिकॉम सेक्टर में जल्द देखने को मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक जून 2017 की अंतिम तिमाही के दौरान इस्तेमाल किए गए कुल 4.2 मिलियन टेराबाइट्स में 4जी डेटा का स्तर 3.9 मिलियन टेराबाइट्स रहा।

ट्राई का कहना है कि 4डेटा इस्तेमाल का स्तर नियमानुसार 500 गुना अधिक है, जबकि एक साल पहले 4जी डेटा का स्तर मात्र 8,050 टेराबाइट्स था।  गौरतलब है कि भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा टेलिकॉम मार्केट है। जहां तक एलटीई उपलब्धता की बात है यह यूके, स्वीडेन, ताइवान तथा स्विट्जरलैंड जैसे देशों से भी आगे है। भारत में यूजर्स 84 फीसदी से ज्यादा एलटीई सिग्नल से जुड़े हुए थे, और मात्र एक साल पहले इसमें 10 फीसदी का इजाफा देखने को मिला।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत के यूजर्स द्वारा एलटीई की उपलब्धता में भारी वृद्धि देखी गई। नई एलटीई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया उन 77 देशों में सबसे नीचले पायदान पर मौजूद है जहां औसत डाउनलोड स्पीड 10 एमबीपीएस है। जबकि भारत में यही औसत डाउनलोड स्पीड मात्र 6.1 एमबीपीएस है।

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि साल 2017 के दौरान नेटवर्क क्राउड के चलते डाउनलोड स्पीड में गिरावट देखने को मिली। यानि जैसे 4जी यूजर्स की संख्या बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे डाउनलोड स्पीड कम होती जा रही है।

रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि सस्ते डेटा प्लान के चलते साल 2018 में भी 4जी यूजर्स की संख्या में बढ़ोतरी जारी रहेगी। हांलाकि जियो अपने 4 जी डेटा प्लान की कीमत बढ़ा भी सकता है।

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

ताइवान में कोरोनावायरस संबंधी मामले बढ़कर 4 हुए

ताइपे, 27 जनवरी (आईएएनएस)| ताइवान की एक और महिला के कोरोनोवायरस (Corona Virus) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई...

अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र के 11 उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई को हाईकोर्ट सहमत

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)| दिल्ली हाईकोर्ट नई दिल्ली विधानसभा के लिए नामांकन करने से रोके गए 11 उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई को...

आरएसएस का पहला सैनिक स्कूल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में

लखनऊ, 27 जनवरी (आईएएनएस)| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संचालित पहला सैनिक स्कूल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में इस साल अप्रैल में शुरू होगा।...

उत्तर प्रदेश: कानपुर पुलिस ने थाने में कराई प्रेमी युगल की शादी

कानपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)| कानपुर के जूही पुलिस स्टेशन के अंदर रविवार को एक प्रेमी युगल की शादी कराई गई है। इस दौरान शादी...

कांग्रेस ने अदनान सामी को पद्मश्री देने पर सवाल उठाया

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)| कांग्रेस ने गायक अदनान सामी को पद्म पुरस्कार देने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। कांग्रेस...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -