भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से नागपुर में बुधवार को मुख्यालय में मुलाकात की थी। अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर इन तस्वीरो को साझा किया गया था। इसमें साफ़ देखा जा सकता है कि जर्मन राजदूत भागवत के साथ बातचीत कर रहे हैं और उन्होंने इस मुख्यालय का जायजा भी लिया था।
जर्मनी के राजदूत ने ट्वीटर अकाउंट पर लिखा कि “नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दौरा किया और सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत के साथ लम्बी मुलाकात की थी। इसकी स्थापना साल 1925 में की गयी थी, यह विश्व का सबसे बड़ा संघठन है। यह अपने इतिहास में गैर विवादस्पद रहा है।”
भारत में जर्मनी के राजदूत के तौर पर लिंडर ने इस माह के शुरुआत में कार्यभार संभाला था। उन्होंने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को अपनी विश्वसनीयता को हिंदी में प्रस्तुत किया था और इसका कारण उनका हिंदी भाषा के प्रति लगाव है।
भारत में जर्मनी के राजदूत वॉल्टेर जे लिंडनर ने इससे पूर्व कहा था कि “भारत की जनसँख्या 1.4 अरब है और उनकी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में स्थायी सीट होनी चाहिए। उनकी गैरमौजूदगी वैश्विक संस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पंहुचा सकती है।”