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हैकिंग क्या है? हैकिंग करना कैसे सीखें

हैकिंग क्या है

हैकिंग (hacking in hindi) को यदि साधारण भाषा में समझें तो हैकिंग का मतलब है किसी भी कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम में गलत तरीके से बदलाव करना, जिससे अपना काम निकाला जा सके। हैकिंग इस लिए भी की जाती है ताकि किसी कंपनी आदि के सिस्टम को बिगाड़ा जा सके।

जो लोग हैकिंग करते हैं, उन्हें हैकर कहते हैं। हैकर कई प्रकार के होते हैं। कई हैकर कानूनी रूप से कार्य करते हैं वहीँ कई हैकर अवैध रूप से कार्य करते हैं।

जो बड़े हैकर होते हैं वे कंप्यूटर प्रोग्रामिंग को बड़े अच्छे से जानते हैं। ये हैकर किसी भी एक प्रोग्रामिंग भाषा को बड़ी गहनता से पढ़ते हैं और फिर उस भाषा से बने प्रोग्राम को हैक कर डालते हैं।

कंप्यूटर की दुनिया में जो भी जुर्म होते हैं, उनके लिए एक निश्चित क़ानून है। लेकिन हैकिंग में ऐसा नहीं है। दरअसल हैकिंग के लिए कोई एक निश्चित क़ानून इसलिए नहीं है क्योंकि हैकिंग की परिभाषा को ही आजतक ठीक से परिभाषित नहीं किया गया है।

हैकिंग का मतलब कंप्यूटर प्रोग्राम की चोरी, प्रोग्राम में बदलाव, वेबसाइट हैक करना आदि कई जुर्म शामिल हैं। ऐसे में प्रत्येक जुर्म के हिसाब से ही इस पर कार्यवाई की जाती है।

इन्हीं कारणों से हैकिंग में छोटे मोटे पेज में बदलाव करने से लेकर बड़े बड़े बैंकों की सुचना चोरी करना शामिल है।

इस लेख में हमे हैकिंग से सम्बंधित विषयों पर चर्चा करेंगे।

हैकिंग क्या है? (what is hacking in hindi)

हैकिंग का मतलब है किसी कंप्यूटर सिस्टम में कमजोरी निकालना और फिर उसका फायदा उठाकर अपने अनुसार उसमें बदलाव करना। उदाहरण के तौर पर, किसी कंपनी के निजी कंप्यूटर के कोड को तोड़कर उसके पासवर्ड आदि चोरी करना।

इसी परिभाषा के तर्ज पर हैकर वह व्यक्ति है, जो अपने कौशल का इस्तेमाल कर कंप्यूटर सिस्टम में किसी प्रकार का बदलाव करता है। यह कार्य वैध और अवैध दोनों हो सकता है।

हैकर को मुख्य रूप से ‘नेटवर्क हैकर’ और ‘पासवर्ड हैकर’ के रूप में जाना जाता है।

हैकर को दरअसल कई कारणों से से उपयोग में लिया जाता है। चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस भी हैकर का इस्तेमाल करती है। इसके अलावा बैंक जैसी संस्थाओं में भी लोग अपनी सुरक्षा यानी सिक्यूरिटी के लिए हैकर को रखते हैं।

आजकल की दुनिया में कंप्यूटर सभी क्षेत्रों में एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। कंप्यूटर के साथ-साथ इन्टरनेट का बोलबाला भी बढ़ गया है। इन्टरनेट की वजह से पूरी दुनिया जुड़ गयी है। इसी कारण से विश्व के किसी भी हिस्से से कहीं के भी कंप्यूटर को हैक किया जा सकता है।

हैकिंग के कारण

हैकिंग करने के बहुत से कारण होते हैं। जैसे कि हमनें बताया कि हैकिंग अच्छे कार्य के लिए भी की जाती है और बुरे कार्य के लिए।

हैकिंग करने के पीछे कुछ निम्न कारण हैं:

  • पासवर्ड चुराना
  • बैंक अकाउंट की निजी जानकारी पाना
  • अपने प्रतिद्वंदी का काम बिगाड़ना
  • दुसरे के कोड को तोड़ने के लिए
  • जुर्म पकड़ने में
  • पुलिस की मदद करने में

हैकिंग का इस्तेमाल सबसे पहले दुसरे विश्व युद्ध के दौरान किया गया था, जब इसका इस्तेमाल दुश्मन के कोड को तोड़ने के लिए किया गया था।

इसके बाद से जैसे-जैसे कंप्यूटर और इन्टरनेट की दुनिया में बदलाव आये, वैसे-वैसे हैकिंग का क्षेत्र भी विकसित होता चला गया।

आज के जमाने में बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए हैकर का इस्तेमाल करती हैं।

इसके अलावा विभिन्न देशों की सरकारें भी अपनी जानकारी को सुरक्षित रखने और दुसरे की जानकारी को पाने के लिए हैकर नियुक्त करती हैं।

हैकर कौन होता है? हैकर कितने प्रकार के हैं? (hacker in hindi)

हैकर वह व्यक्ति होता है, जो किसी भी प्रकार की हैकिंग करता है। आजे के जमाने में हैकर को एक चोर की नजर से भी देखा जाता है और एक जीनियस के रूप में भी देखा जाता है।

हैकर को उसके काम के अनुसार विभिन्न नामों से जाना जाता है।

  • नैतिक हैकर (ethical hacker)

नैतिक हैकर वे होते हैं, जो समाज के भले के लिए हैकिंग करते हैं। ये लोग मुख्य रूप से किसी गलत कार्य को रोकने या जुर्म को ठीक करने में मदद करते हैं।

नैतिक हैकर को जमाने में काफी इज्जत से पहचाना जाता है। ऐसे लोगों को बड़ी-बड़ी कंपनियां नौकरी पर रखती हैं और काम के लिए करोड़ों रूपए देती हैं।

  • अनैतिक या ब्लैक हैट हैकर (black hat hacker)

अनैतिक हैकर या ब्लैक हैट हैकर वे हैकर होते हैं, जो अपने निजी फायदे के लिए हैकिंग करते हैं। ऐसे लोगों का मुख्य उद्देश्य पैसे चुराना, पासवर्ड चुराना या किसी की निजी जानकारी चुराना होता है।

ब्लैक हैट हैकर मुख्य रूप से कानून की नजर में दोषी होते हैं। ऐसे लोगों के ऊपर क़ानून इनाम भी रखता है।

  • ग्रे हैट हैकर (grey hat hacker)

ग्रे हैट हैकर ना तो पूरी तरह से नैतिक होते हैं, और ना ही पूरी तरह से अनैतिक होते हैं। ऐसे लोग अपने निजी फायदे के लिए तो कार्य करते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य समाज को नुकसान पहुँचाना नहीं होता है।

आज के जमाने में ग्रे हैट हैकर का बहुत बोलबाला है। कुछ सालों पहले ही एक खबर आई थी, कि एक हैकर नें विभिन्न कंपनियों के अकाउंट को हैक करके करोड़ों रूपए चुरा लिए थे और उन पैसों को दान में दे दिया था।

ऐसी खबरें आये दिन आती रहती हैं।

  • अराजकता फैलाने वाले हैकर

इस श्रेणी में वे हैकर आते हैं, जो बड़ी वेबसाइट का डेटा चुराकर समाज में घृणा और अराजकता फैलाते हैं।

ऐसे हैकर के लिए कोई एक निश्चित सजा का प्रावधान नहीं है, लेकिन ये लोग कानून के लिए दोषी ही हैं।

साइबर क्राइम क्या है? (cyber crime in hindi)

कंप्यूटर या इन्टरनेट की दुनिया में किये जाने वाले जुर्म को साइबर क्राइम कहा जाता है।

इसका मतलब है कि यदि आप इन्टरनेट की मदद से किसी दुसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं या कोशिश कर रहे हैं, तो आप एक दोषी हैं।

साइबर क्राइम आज के समय में बहुत बढ़ गया है। ऐसा होना स्वाभाविक है, क्योंकि सभी कम्पनियां और व्यापार आज ऑनलाइन काम कर रहे हैं।

साइबर क्राइम मुख्य रूप से हैकिंग की मदद से किये जाते हैं। हैकर किसी वेबसाइट या प्रोग्राम को हैक करता है और फिर अपनी मर्जी से उसमें बदलाव करता है।

साइबर क्राइम मुख्य रूप से निम्न प्रकार के हैं:

  • कंप्यूटर फ्रॉड: अपने निजी फायदे के लिए कंप्यूटर की मदद से डेटा चोरी करना।
  • निजता का उल्लंघन: किसी का पासवर्ड, ई-मेल, फ़ोन नंबर, पता आदि चोरी करना।
  • पहचान चोरी करना: किसी की जानकारी चोरी करके वह व्यक्ति बनने की कोशिश करना।
  • किसी के निजी कार्य को बांटना: कंप्यूटर पर आप अपने निजी कार्य को कॉपीराइट करते हैं, जिससे कोई उसे आपकी मर्जी के बिना चोरी ना कर सके। ऐसा करना भी साइबर क्राइम है।
  • इन्टरनेट से पैसे चोरी करना: आपके बैंक की जानकारी चोरी करके आपके खाते से पैसें निकाले जा सकते हैं। उच्च स्तर के हैकर ऐसा करते हैं।
  • स्पैम करना: आपकी वेबसाइट या आईडी की जानकारी चुराकर उसमें अनचाहे मेसेज और सन्देश भेजना।

नैतिक हैकिंग क्या है? (ethical hacking in hindi)

नैतिक हैकिंग (ethical hacking) का उद्देश्य समाज के बेहतर के के लिए कार्य करना होता है। नैतिक हैकर नियमों के दायरे में रहकर हैकिंग करते हैं।

नैतिक हैकिंग के लिए निम्न नियम हैं:

  • जिस व्यक्ति से सम्बंधित हैकिंग है, उससे लिखित में आज्ञा लेना।
  • हैकिंग में शामिल संस्था की जानकारी को सार्वजानिक ना करना।
  • जो भी जानकारी मिली है, उसे पूरी तरह से सम्बंधित लोगों के सामने रखना और कुछ ना छुपाना।
  • जिस व्यक्ति के कंप्यूटर या इन्टरनेट की मदद ले रहे हैं, उसकी आज्ञा लेना।

हैक होने से बचने के उपाय

चूंकि इन्टरनेट से पूरी दुनिया जुड़ी हुई है, ऐसे में ऑनलाइन हैक होना एक आम बात है।

ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि आपकी जानकारी लीक ना हो, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।

  1. कंप्यूटर का पासवर्ड समय समय पर बदलना।
  2. ऑनलाइन वेबसाइट इस्तेमाल करने के बाद लोग-आउट कर देना।
  3. अपने निजी इन्टरनेट का पासवर्ड किसी बाहरी व्यक्ति को ना देना।
  4. अपने सभी आईडी का पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहना।
  5. किसी दुसरे व्यक्ति को अपना मोबाइल या कंप्यूटर ना देना।
  6. बैंक आदि के पासवर्ड सुरक्षित रखना।
  7. किसी दुसरे के मोबाइल या कंप्यूटर में कोई भी आईडी लॉग इन ना करना।

हैकर कैसे बने? (how to become hacker in hindi)

यदि आप हैकर बनाना चाहते हैं, तो आप यहाँ दी गयी वीडियो देख सकते हैं।

इस वीडियो में ‘टेक्नोलॉजी ज्ञान’ नामक चैनल ने बड़ी सरल भाषा में हैकर बनने का तरीका बताया है।

इस विषय से सम्बंधित यदि आपका कोई भी सवाल या सुझाव है, तो आप नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

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  1. व्हाट्सएप्प हैक कैसे करें? (how to hack whatsapp in hindi)

About the author

पंकज सिंह चौहान

पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

5 Comments

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    • जब हम किसी और के डिवाइस पर बिना उसकी मर्ज़ी के बदलाव करते हैं तो वह हैकिंग कहलाती है।

  • आप ने हैकिंग के बारे में बहुत ही अच्छे तरीके से बताया है,

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