शुक्रवार, अप्रैल 3, 2020

हिमाचल प्रदेश चुनाव : कांगड़ा में गरजे पीएम मोदी, कांग्रेस को लताड़ा

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हिमांशु पांडेय
हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।

हिमाचल प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं सियासी सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। सत्ताधारी दल कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में सरकार बचाने की जद्दोजहद कर रही है वहीं प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सत्ता वापसी को बेताब दिख रही है। भाजपा के चुनावी प्रचार अभियान को और मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हिमाचल प्रदेश में हैं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में अपनी चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूबे के सत्ताधारी दल कांग्रेस को जमकर लताड़ा।

पीएम मोदी ने कहा, “वीरभूमि हिमाचल के सैनिकों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान दिया है, बटन दबाने से पहले आप उस बलिदान को याद रखिएगा। मैंने हिमाचल प्रदेश में पार्टी संगठन के लिए काफी समय काम किया है। मैं हिमाचल के हर गली-मोहल्ले से परिचित हूँ। हिमाचल में इतनी सुबह-सुबह रैली में इतनी भीड़ उमड़ना बहुत बड़ी बात है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह अपने तय समय 11:30 पर कांगड़ा पहुँचे। पीएम मोदी की रैली के लिए निर्धारित स्थल खचाखच भरा हुआ था। मोदी के मंच पर आते ही भीड़ ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने कहा, “अगर आप ईमानदारी से कोई काम करते हैं और गलती हो जाए तो जनता माफ कर देती है। लेकिन अगर आप जानबूझ कर कोई गलती करते है, तो देश आपको कभी माफ नहीं करेगा। इसी वजह से देशभर में लोग कांग्रेस को सजा दे रहे हैं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “कांग्रेस के हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी। पूरे देश से जनता कांग्रेस की सफाई कर रही है और उसके पास कुछ भी शेष नहीं है। इसके बावजूद वह चुनाव मैदान में कूद पड़ी है। कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में भ्रष्टाचार से लड़ने की बात करती है जबकि उसके मुख्यमंत्री स्वयं भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए हैं।”

कांग्रेस की विचारधारा पर हमला

अपने सम्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की विचारधारा पर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने वीरभूमि हिमाचल का अन्न खाया है। जब भी सीमाओं ने देश के सम्प्रभुता की रक्षा के लिए बलिदान माँगा है हिमाचल के रणबांकुरे सबसे पहले आगे आए हैं। कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पाकिस्तान मांग करता है कि कश्मीर को आजादी दो। पाकिस्तान का समर्थन करने वाले घाटी के अलगाववादी भी कहते हैं कि कश्मीर को आजाद करो। लेकिन देश की सम्प्रभुता और एकता बनाए रखने के लिए हमारे वीर जवान उनके खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं। कांग्रेसी विचारधारा के नेता कहते हैं कि कश्मीर की आजादी की मांग सही है। कांग्रेस का एक भी नेता उनकी आलोचना नहीं कर रहा है। कांग्रेस की विचारधारा देश को तोड़ने की है।”

हिमाचल में सुशासन का भरोसा दिलाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांगड़ा रैली में हिमाचल प्रदेश की सत्त्ताधारी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भ्रष्टाचार के आरोपों में लिप्तता पर सवालिया निशान उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस सरकार ने अपने 5 वर्षों के शासनकाल में हिमाचल प्रदेश में 5 राक्षसों को पैदा किया है। प्रदेश की जनता को चुनावों में खनन माफिया, वन माफिया, ड्रग माफिया, टेंडर माफिया और ट्रांसफर माफिया नामक इन 5 राक्षसों से मुक्ति मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने महिलाओं से चुनावों में अधिक से अधिक संख्या में हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस बार चुनावों में हिमाचल प्रदेश की महिलाएं पुरुषों से 5 फीसदी अधिक सहभागिता करें।

पीएम मोदी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए भाजपा ने अपना विजन डॉक्यूमेंट जारी कर दिया है। कांग्रेस के कार्यकाल में राज्य में कुछ भी काम नहीं हुआ है इस वजह से हमे 5 सालों में 10 साल का काम करना पड़ेगा।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि केंद्र में सरकार बनाने के बाद भाजपा ने हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थान दिए हैं। हमने यह कभी नहीं देखा कि हिमाचल प्रदेश में किसकी सरकार है। पिछले 3 सालों में राज्य से कोई भेदभाव नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश को शायद ही कभी केंद्र से इतनी मदद मिली हो जितनी भाजपा सरकार ने पिछले 3 सालों में की है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।

शाह ने के थी धूमल के उम्मीदवारी की घोषणा

देश को भगवामय करने की राह में हिमाचल प्रदेश भाजपा के लिए एक अहम पड़ाव है। भाजपा नेतृत्व इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है और इसी वजह से भाजपा के शीर्ष नेता लगातार हिमाचल प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। मंगलवार, 31 अक्टूबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रायगढ़ की रैली से प्रेम कुमार धूमल की उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए कहा था, “मुझे विश्वास हैं कि प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।” प्रेम कुमार धूमल इससे पूर्व 2 बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। धूमल हिमाचल भाजपा के सबसे लोकप्रिय और सशक्त चेहरे हैं। अगर पीएम मोदी के ‘रूल 75’ की बात करें तो 2 साल बाद धूमल भी इस आयुसीमा को लांघ जाएंगे। इसके बावजूद भाजपा उन्हें आगे कर राज्य में उनकी लोकप्रियता को भुनाने का प्रयास कर रही है।

जातिगत समीकरण पर ध्यान

हिमाचल प्रदेश के लिए भाजपा आलाकमान की पहली पसंद मोदी सरकार के मंत्री जे पी नड्डा थे। प्रेम कुमार धूमल को ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर भाजपा आलाकमान ने हिमाचल प्रदेश में जातिगत समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। हिमाचल प्रदेश के मतदाता वर्ग पर नजर डालें तो राज्य की तकरीबन 37 फीसदी आबादी राजपूत समाज की है। ब्राह्मण मतदाताओं की आबादी 18 फीसदी है। सवर्ण वर्ग को हमेशा से भाजपा का कोर वोटबैंक माना जाता है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए गए प्रेम कुमार धूमल राजपूत समाज से आते हैं वहीं मोदी सरकार में मंत्री जे पी नड्डा ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर जातिगत समीकरणों के आधार पर देखें तो धूमल का पलड़ा भारी दिखाई देता है। भाजपा आलाकमान ने इसी आधार पर जे पी नड्डा की जगह प्रेम कुमार धूमल को तरजीह दी है।

भाजपा के पक्ष में है ओपिनियन पोल के रुझान

हिमाचल कांग्रेस में उठे बगावत के सुरों का असर वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता पर भी पड़ा था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हिमाचल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह से उभरे मतभेदों को सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा था। वीरभद्र सिंह के पक्ष में लामबंद होकर हिमाचल कांग्रेस के विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को चिट्ठी लिखी थी। बाद में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने वीरभद्र सिंह को मनाया था और उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। अगर ओपिनियन पोल के रुझानों पर यकीन करें तो हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है। ऐसे में भाजपा किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नजर नहीं आ रही है। भाजपा आलाकमान हिमाचल प्रदेश में लगातार सक्रिय है और सभी सियासी समीकरणों को साधने की जुगत में लगी है।

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