फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद अब नए स्टार्टअप्स की बढ़ने में मदद कर रहे हैं बिन्नी बंसल

फ्लिपकार्ट के मालिक बिन्नी बंसल
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भारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफार्म फेसबुक के सहसंस्थापक बिन्नी बंसल को फ्लिप्कार्ट को छोड़े करीब तीन महीने हो चुके हैं। तभी से वह चर्चा में नहीं आये हैं। एक समय में भारत के इंटरनेट रिटेल उद्योग में प्रवेश करने और तेज़ी से बढ़ने के लिए जाना जाने वाला वाला उद्यमी अब अन्य संस्थापकों को अपने स्टार्टअप को बढ़ने में मदद के लिए खुद को समर्पित कर रहा है।

फ्लिप्कार्ट छोड़ने की क्या थी वजह :

बिन्नी बंसल ने फ्लिप्कार्ट को वालमार्ट द्वारा खरीदे जाने के कुछ समय बाद ही छोड़ दिया था। लेकिन यह उनके फ्लिप्कार्ट को छोड़ने की वजह नहीं थी। उनके इस्तीफे की वजह उन पर सहकर्मचारी द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोप थे। ऐसा होने पर वालमार्ट द्वारा बिन्नी बंसल के खिलाफ एक जांच शुरू करवाई गयी थी। हालांकि इस जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले लेकिन इससे आहात होकर ही उन्होंने फ्लिप्कार्ट को छोड़ा था।

यह उल्लेखनीय है की बंसल के पास अभी भी फ्लिप्कार्ट में 4 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। जबसे उन्होंने फ्लिप्कार्ट को छोड़ा था वे किसी भी प्रकार की चर्चा में नहीं आये। उन्होंने अपने आरोपों को लेकर भी मीडिया में कोई बयान नहीं दिया था।

नए स्टार्टअप की जानकारी :

फ्लिप्कार्ट से निकलने के बाद बिन्नी बंसल अब अपनी नयी कंपनी पर केद्रित हैं। इसके बारे में बात करने पर उन्होंने बताया की यह नए स्टार्टअप्स को बाज़ार में दूसरों से बेहतर होने की ज़रूरी तकनीक उपलब्ध कराता है।

इसका मुख्य लक्ष्य परम्परागत संस्थाओं को हटाकर तकनीकी समाधान उपलब्ध कराना है। इनका यह ध्येय है की एक स्टार्टअप के विकास के लिए सैकड़ों लोगों कि ज़रुरत नहीं है बल्कि आधुनिक तकनीकी समाधान एवं सेवाओं की ज़रुरत है।

यह स्टार्टअप आरंभिक स्टेज वाली कंपनियों को सॉफ्टवेर तकनीक एवं परामर्श उपलब्ध कराकर लक्ष्य प्राप्त करने में उनकी मदद करेगा। उन्होंने महसूस किया है कि शुरूआती स्टेज पर स्टार्टअप जो समस्याओं का सामना करते हैं उन्हें सिर्फ पैसे से हल किया नहीं जा सकता हाई कभी कभी उन्हें योग्य नेतृत्व एव मार्गदर्शन की ज़रुरत होगी।

बिन्नी बंसल से नए स्टार्टअप पर बातचीत :

अपने नए स्टार्टअप पर बातचीत के दौरान बिन्नी बंसल ने कहा की अपने स्टार्टअप के द्वारा वे रोज़ बन रहे नए स्टार्टअप को उन गलतियों से बचाने की कोशिश कर रहे जोकि फ्लिप्कार्ट ने हर मोड़ पर की थी। उनके अनुसार आज के दिन केवल बड़े संस्थानों के लिए सॉफ्टवेर बनाए जाते हैं लेकिन छोटे फर्म की ज़रुरत के अनुसार सॉफ्टवेर उपलब्ध नहीं है।

यदि हम नए स्टार्टअप को कुछ गलतियां करने से भी बचा पाते हैं तो अपने आप को भाग्यशाली समझेंगे।

यह उल्लेखनीय है की हालांकि बंसल ने कंपनी के चेयरमैन के पद पर हैं लेकिन वे इसमें कार्य नहीं करेंगे। केवल वे अपनी पूँजी निवेश की है। इसके अतिरिक्त सचिन बंसल भी अपनी अलग योजनाएं बना रहे हैं और अभी तक उन्होंने केवल एक बड़ा निवेश किया है जोकि ओला में 650 करोड़ रुपयों का निवेश था।

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