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    सीरिया (syria) में सरकार समर्थित सेना और जिहादियों के समूह के बीच मंगलवार को उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में संघर्ष से 45 लड़ाकों की मौत हो गयी है। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि “जिहादी समूह हयात तहरीर अल शाम ने सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया था और इसके बाद हम के प्रान्त में संघर्ष की शुरुआत हो गयी थी।”

    ब्रिटेन के मॉनिटर ने कहा कि “जारी संघर्ष में करीब 14 सरकार समर्थित सैनिको की मौत हो गयी है। ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्दुल रहमान ने कहा कि “सरकारी सैनिको ने हमले को धराशाही कर दिया था।” स्टेट न्यूज़ एजेंसी सना ने भी कहा कि “आक्रमण को रोक दिया गया था।”

    हमा का उत्तरी क्षेत्र जिहादियों के नियंत्रण में हैं खसकर इदलिब प्रान्त पर विद्रोहियों का आधिपत्य है। शानिवार को हुए संघर्ष में 35 से अधिक चरमपथियों की मौत हुई थी इसमें जिहादी और सरकारी की सेनाये भी शामिल थी। उत्तरी हमा और इदलिब के पड़ोस में सरकार के हवाई हमले भी 24 घंटे से अधिक तक बंद थे हालाँकि मंगलवार को हमले फिर शुरू कर दिए गए थे।

    दक्षिण इदलिब में बमबारी से एक नागरिक की मौत हो गयी थी। यह जंग तब शुरू हुई जब एचटीएस, जो पूर्व में अल कायदा का सहयोगी था, ने रॉकेट दागा था और विद्रोहियों ने बीते  रविवार को सरकार नियंत्रित अलेप्पो में 12 से अधिक नागरिकों की हत्या कर दिया थी।

    अलेप्पो, हमा और इदलिब के भागो को सरकार की आक्रमक कार्रवाई से बचाने के लिए बीते वर्ष रूस और तुर्की ने एक संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। लेकिन यह कभी लागू नहीं हुआ क्योंकि जिहादियों ने असैन्य क्षेत्र से वापसी की योजना को ख़ारिज कर दिया था।

    जनवरी में एचटीएस ने क्षेत्र में प्रशासनिक नियंत्रण का विस्तार किया था।  सीरिया की सरकार और रूस ने क्षेत्र में बमबारी का सिलसिला अप्रैल में शुरू किया था और ऑब्सेर्वाटरी के मुताबिक तब से 400 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। सीरिया की साल 2011 से शुरू हुई जंग में 370000 लोगो की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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