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    syrian foreign minister

    सीरिया (syria) के विदेश मंत्री ने मंगलवार को कहा कि वह तुर्की (turkey) के साथ जंग नहीं चाहते हैं। रायटर्स के मुताबिक तुर्की ने कहा था कि इदलिब के प्रान्त में उनके एक ऑब्जरवेशन पोस्ट पर हमला किया गया था इस क्षेत्र पर सीरिया की सरकार का नियंत्रण है। रूस ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को गृह युद्ध के दौरान समर्थन किया था।

    रूस और तुर्की लम्बे समय से विद्रोहियों के समर्थक है और बीते वर्ष दोनों देशों ने इस क्षेत्र के बाबत एक संघर्षविराम समझौते पर दस्तखत किये थे। हालिया महीने में समझौते को तोड़ दिया गया और इसके कारण मज़बूरन हज़ारो नागरिकों को विस्थापित होना पड़ा था। सरकारी विद्रोही तत्वों का आखिरी गढ़ इदलिब है।

    सीरिया के विदेश  मंत्री ने कहा कि “हमें उम्मीद है कि हमारी सेना और तुर्की की सेना जंग नहीं लड़ेंगे। यह हमारा सैद्धांतिक मत है।” सीरिया के नेता के साथ चीन के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ वांग यी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि “क्या हम आतंकवादियों के लड़ रहे हैं जो सीरिया की सरजमीं पर है और वह क्षेत्र हमारे देश का भाग है।”

    इदलिब क्षेत्र में प्रभुत्वशाली सेना तहरीर अल शाम है और यह साल 2016 में अलकायदा का भाग था इसमें कुछ तुर्की समर्थक भी मौजूद थे।

    उन्होंने कहा कि “सवाल यह है कि तुर्की सीरिया में क्या करना चाहता है ? तुर्की ने सीरिया की सरजमीं के भाग पर कब्ज़ा कर रखा है और सीरिया के कई भागो में तुर्की की सेना की उपस्थिति है। क्या वह आतंकवादी समूह नुस्रा फ्रंट को बचा रहे हैं। क्या वह कुछ आतंकवादियों की रक्षा कर रहे हैं जिसमे ईस्टतुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट भी शामिल है ?

    इस समूह पर चीन भी शिनजियांग में हमले करने के आरोप लगाता रहा है। उन्होंने कहा कि “यह सवाल तुर्की से पूछा जाने की जरुरत है, उनका असल मकसद क्या है? हम इन आतंकी समूहों और संगठनों से लड़ रहे हैं। समस्त विश्व को  मालूम है कि जिनसे हम लड़ रहे हैं वह आतंकवादी है।”

    अप्रैल से सीरिया की सरकार ने इदलिब में बमबारी और गोलीबारी को काफी बढ़ा दिया है जिससे कई लोगो की मौत हुई है। विद्रोहियों के मुताबिक, यह अभियान सरकार की आक्रमक कार्रवाई का एक भाग है जो संघर्षविराम संधि का उल्लंघन करता है।

    वांग ने कहा कि “चीन सीरिया को समर्थन करना जारी रखेगा ताकि वह अपनी सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा कर सके और आतंकवाद के खिलाफ लड़ सके। हम सीरिया के आर्थिक पुनर्निर्माण प्रयासों का भी समर्थन करना जारी रखेंगे।”

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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