त्रिपुरा में सत्ताधारी वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकारी ब्रॉडकास्टिंग कंपनी दूरदर्शन पर आरोप लगाया है कि उसने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार का स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया भाषण प्रसारित नहीं किया। केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि अपने स्वतंत्रता दिवस के सम्बोधन में प्रधानमंत्री लाल किले से कॉपरेटिव फेडरेलिज्म की बात करते हैं ऐसे में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का भाषण प्रसारित ना करना कौन सा कॉपरेटिव फेडरेलिज्म है। बता दें कि दूरदर्शन ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रसारित होने वाले इस भाषण को 12 अगस्त को रिकॉर्ड किया था। 14 अगस्त की शाम को मुख्यमंत्री माणिक सरकार को प्रसार भारती की तरफ से ई-मेल प्राप्त हुआ था जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि उन्हें अपने भाषण में बदलाव करना होगा।

प्रसार भारती
प्रसार भारती से प्राप्त ई-मेल

 

अपने भाषण में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने सांप्रदायिक ताकतों पर जमकर हमला बोला था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए नाम लिए बिना माणिक सरकार ने कहा था कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल ना होकर अंग्रेजों के साथ थे, वह आज देश की जड़ों पर हमला कर इसे तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अपने भाषण में माणिक सरकार ने हाल ही में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं का भी उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री को भेजे गए इस ई-मेल में प्रसार भारती के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि वह इस भाषण को स्वतंत्रता दिवस और लोगों की भावनाओं के अनुरूप बनाएं। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किसी भी तरह का बदलाव करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद दूरदर्शन ने स्वतंत्रता दिवस पर माणिक सरकार का भाषण प्रसारित नहीं किया था जिसे लेकर सीपीएम ने सीधा-सीधा केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

प्रसार भारती
प्रसार भारती की सफाई

 

विवाद बढ़ने के बाद दूरदर्शन के अगरतला केंद्र की तरफ से एक बयान जारी किया गया है जिसमें इस बात का जिक्र है कि प्रसारण सम्बन्धी सारे आरोप बेबुनियाद हैं। माणिक सरकार के लगाए आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए दूरदर्शन ने कहा है कि उसने बिना किसी कट के मुख्यमंत्री के भाषण का प्रसारण किया है। मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए ब्लैकआउट के आरोप बेबुनियाद हैं।


हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है।मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।