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    मोदी सरकार की व्हाट्सप्प को चेतावनी

    भारत सरकार ने गलत संदेशों के फॉरवर्ड होने के कारण देश में बढ़ रही हत्याओं को लेकर व्हाट्सप्प को दूसरी बार कड़ी चेतावनी दी है।

    बता दें की अब तक ऐसे मेसेजों के कारण तीस से भी ज्यादा लिंचिंग की वारदातें हो चुकी है। अक्सर बच्चा चोरी के अफवाहों और फेक न्यूज़ के जल्दी वायरल होने से व्हाट्सप्प और भारत सरकार- दोनों ही परेशान है और अपनी-अपनी तरफ से इसपर लगाम लगाने की योजना बना रही है।

    क्या कहना है सरकार का?

    “बुरे तत्वों द्वारा जब अफवाहें या फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं, इस तरह के दुष्प्रचार में माध्यम बनने वाले जिम्मेदारी और जवाबदेही से नहीं बच सकते हैं. यदि वे मूकदर्शक बने रहते हैं तो उन्हें भी इन संदेशों का वाहक माना जाएगा और फिर उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.”

    -सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    क़ानून एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राजयसभा में बताया कि वो इस मामले पर राजनितिक दलों समेत अन्य संबंधित व्यक्तियों से मुलाक़ात करेंगे और सरकार जल्द ही कोई न कोई फैसला लेगी।

    ज्ञात हो कि सरकार इस से पहले भी व्हाट्सप्प को कड़ी चेतावनी दे चुकी है। विपक्ष भी अफवाहों और फेक न्यूज़ के कारण हो रही हत्या कि वारदातों को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

    सख्त कदम उठाएगा व्हाट्सप्प

    व्हाट्सप्प एक मैसेजिंग एप्प है जिसका स्वामित्व फेसबुक के पास है। फेसबुक ने सरकार के कड़े रुख अपनाने के बाद व्हाट्सप्प के फॉरवार्डिंग वाले फीचर में भारी बदलाव करने के संकेत दिए हैं। व्हाट्सप्प ने अपने एक बयान में कहा कि वो अपने भारतीय वर्जन वाले एप्प में एक बार में महज पांच चैट करने की सीमा तय करने जा रहा है। इसके अलावा कम्पनी मैसेज के साथ आने वाले फॉरवार्ड बटन को भी हटाने पर विचार कर रही है।

    आपको बता दें कि भारत में सबसे ज्यादा लोग व्हाट्सप्प पर मैसेज और मल्टीमीडिया मैसेज फॉर्वर्ड करते हैं। 2 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ व्हाट्सप्प अभी भारत का सबसे बड़ा मैसेजिंग एप्प है।

    By अनुपम कुमार सिंह

    बीआईटी मेसरा, रांची से कंप्यूटर साइंस और टेक्लॉनजी में स्नातक। गाँधी कि कर्मभूमि चम्पारण से हूँ। समसामयिकी पर कड़ी नजर और इतिहास से ख़ास लगाव। भारत के राजनितिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक इतिहास में दिलचस्पी ।

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