सरकार द्वारा बीएसएनएल कर्मचारियों से धरना रोकने का निवेदन; सकारात्मक कदम का दिया आश्वासन

बीएसएनएल

रविवार को नरेन्द्र मोदी द्वारा नेत्रित्व की जाने वाली एनडीए सरकार ने बीएसएनएल के कर्मचारियों से हड़ताल रोकने की गुजारिश की। इसके साथ ही सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया की उनके हित में सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।

सरकार ने दिया यह आश्वासन :

बता दें की आज से बीएसएनएल के कर्मचारी धरना करने वाले थे लेकिन टेलिकॉम बाज़ार में बढती प्रतिस्पर्धा के कारण बीएसएनएल के हाल अच्छे नहीं चल रहे हैं जिसके चलते अधिकारियों ने कर्मचारियों से इस समय धरना न करने की मांग की है ताकि बीएसएनएल को बड़ा नुक्सान न झेलना पड़े क्योंकि इस समय बीएसएनएल बहुत तंगी के वक्त से गुजर रहा है।

इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों को आश्वासन भी दिया है की उनकी मांगों को सूना जाएगा और पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार बीएसएनएल को पुनर्जीवित करने की पूरी कोशिश और भरसक प्रयास करेगी।

क्यों हड़ताल कर रहे हैं कर्मचारी ?

भारत संचार निगम लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा आयोजित होने जा रही इस हड़ताल का मुख्या कारण बीएसएनएल द्वारा हाल ही में शुरू की गयी वीआरएस स्कीम अर्थात वोलंटरी रिटायरमेंट स्कीम लाना और रिटायरमेंट की उम्र को 58 साल करने आदि फैसलों का विरोध करना है।

बतादें की यदि यह योजना लागू की गयी तो इसके कर्मचारियों को उम्र से पहले ही रिटायरमेंट लेना पड़ेगा ,इसके साथ साथ बीएसएनएल ने अपने वर्तमान कर्मचारियों के मेडिकल भत्ते आदि में भी कटौती की है।

बीएसएनएल की योजना के बारे में :

बीएसएनएल का इन योजनाओं को लागू करने का यह कारण है की बीएसएनएल को पिछले कुछ वर्षो से खासकर की जिओ के आने के बाद से बड़े घाटे हो रहे हैं जिससे यह अपने कर्मचारियों के लायक पर्याप्त आय नहीं बना पा रहा है जिसके चलते यह अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने पर विचार कर रहा है और अपने खर्चों को कम करने की कोशिश कर रहा है।

ट्रेड यूनियनों का मिला था कर्मचारियों को समर्थन :

बीएसएनएल पर संकट तब बढ़ गया जब कर्मचारियों के धरने पर जाने के फैसले को देशभर की लगभग 10 ट्रेड यूनियनों का समर्थन मिला। इन ट्रेड यूनियनों में INTUC, AITUC, HMS और CITU शामिल थे जोकि भारत के सबसे बड़े ट्रेड यूनियनों में शामिल हैं।

इस स्थिति से निपटने के लिए बीएसएनएल ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट और बीएसएनएल मैनेजमेंट के साथ मिलकर एक कमिटी बनायी जोकि कर्मचारियों को हड़ताल पर ना जाने के लिए निवेदन कर सकर और मना सके। अतः ऐसा कर्मचारियों से निवेदन किया गया।

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