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योनी से सफेद पानी आने के कारण और इलाज

सफेद पानी आने के कारण

महिलाओं के मासिक धर्म चक्र में विभिन्न बिंदुओं पर योनि स्राव का अनुभव होता है। ज्यादातर मामलों में निर्वहन पूरी तरह से सामान्य होता है, लेकिन रंग और स्थिरता के आधार पर, निर्वहन एक अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति का संकेत भी हो सकता है।

सफेद निर्वहन महिलाओं के अनुभव के सबसे सामान्य प्रकार के निर्वहन में से एक है।

इस लेख में हम योनी से सफेद पानी आने से सम्बंधित कुछ विषयों पर चर्चा करेंगे।

सफेद पानी आने के कारण

1. ओव्यूलेशन

आपके मासिक धर्म के तुरंत बाद योनी स्त्राव में कमी आ जाती है लेकिन जैसे ही आपका मासिक धर्म चक्र समाप्त होने वाला होता है ये फिरसे बढ़ जाता है।

ओव्युलेशन से तुरंत पहले आपकी शरीर से अधिक योनी स्त्राव होता है। कई महिलाएं केवल निर्वहन की स्थ्रिता को देखकर ही ओव्युलेशन का अनुमान लगा लेती हैं।

यदि आप ओव्युलेट कर रहे हैं तो तो आपके शरीर से सफ़ेद निर्वहन होता है जिसकी स्थिरता अंडे की सफेदी की तरह होती है। ओव्युलेशन वाले दिन निर्वहन सबसे अधिक मात्रा में होता है।

ओव्युलेशन के बाद निर्वहन की स्थिरता में गाढ़ापन आने लगता है।

2. सफेद पानी आने का कारण हो सकता है संक्रमण

यदि आपकी योनी से सफ़ेद निर्वहन हो रहा है जिसकी स्थिरता कॉटेज चीज़ जैसी है तो इसका मतलब है कि आप यीस्ट संक्रमण से पीड़ित हैं। निर्वहन के साथ ही आपकी  योनी में खुजली, सूजन और सम्भोग के दौरान पीड़ा होती है।

यीस्ट संक्रमण कैंडिडा नामक फंगस के अत्यधिक बढ़ जाने के कारण होता है। कैंडिडा ऐसा फंगस होता है जो आपकी योनी में मौजूद होता है लेकिन जब इसकी मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है तो यह संक्रमण पैदा कर देता है। यीस्ट संक्रमण के निम्न कारण हो सकते हैं:

  • गर्भावस्था
  • एंटीबायोटिक का प्रयोग
  • मधुमेह का इलाज न करना
  • इम्यून सिस्टम में कमजोरी

3. नियमित सफाई

अक्सर योनी से सफ़ेद निर्वहन उसे साफ़ रखने का एक उपाय होता है।

तरल पदार्थ योनि के अंदर ग्रंथियों द्वारा उत्पादित किया जाता है, और इसके बाद गर्भाशय ग्रीवा बैक्टीरिया और मृत कोशिकाओं को ले जाता है।

इस निर्वहन का उद्देश्य योनि स्वस्थ और संक्रमण से मुक्त रखना होता है।

4. मासिक धर्म

यदि आपके मासिक धर्म का समय निकट है तो आपकी योनी से सफ़ेद निर्वहन हो सकता है। मासिक धर्म से पहले ऐसा होना सामान्य माना जाता है।

गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय में मासिक धर्म से पहले योनि को साफ करने के लिए अधिक द्रव का उत्पादन होता है।

5. गर्भावस्था के कारण भी निकल सकता है सफेद पानी

कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सामान्य से अधिक निर्वहन का सामना करना पड़ता है। ऐसा होना गर्भावस्था का संकेत हो सकता है विशेषकर यदि इसकी स्थिरता काफी गाढ़ी है।

गर्भावस्था के दौरान होने वाला निर्वहन गंधमुक्त या हलकी गंध लिए हुए होता है। हालांकि, इस पर निर्भर न होकर चिकित्सक से अवश्य मिलें।

6. सूजाक

यदि आपका निर्वहन बादली या पीले रंग का है, तो यह सूजाक का संकेत हो सकता है। सूजाक एक यौन संचारित बीमारी है, और उन लोगों में आम है, जिनके पास एकाधिक यौन साथी हैं।

संक्रमण जीवाणु निसेरिया सूजाक से होता है, और यह आसानी से शरीर के बलगम वाली झिल्ली में फैल सकता है। इसके अन्य लक्षण निम्न हैं:

  • मासिक धर्म के दौरान रक्तस्त्राव
  • मूत्र में जलन
  • श्रोणी क्षेत्र में पेट के निचले हिस्से में दर्द
  • सम्भोग के बाद दाग पड़ जाना
  • मौखिक सम्भोग के बाद गले में जलन या सूजन
  • योनी में सूजन
  • मोतियाबिंद

7. मासिक धर्म में अनियमितता

यदि सफ़ेद निर्वहन लाल या भूरे रंग में बदलने लगे तो यह अनियमित मासिक धर्म का सन्देश हो सकता है। कुछ दुर्लभ मामलो में यह एन्दोमेत्रिकल या सर्वाइकल कैंसर के लक्षण भी हो सकते हैं।

मासिक धर्म चक्र में अनियमितता के कई कारण हो सकते हैं लेकिन इनमें से होर्मोन की गड़बड़ी सबसे मुख्य कारण होता है। यदि आपके स्त्राव के रंग में परिवर्तन आ रहा है तो तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

8. त्रिचोमोनिअसिस

यदि निर्वहन झागदार और बदबूदार है तो हो सकता है कि आप त्रिचोमोनिअसिस का शिकार हों। यह एक यौन संचारित रोग होता है।

इसका असर पुरुषों से अधिक महिलाओं को होता है लेकिन यौन सम्बन्ध के दौरान संक्रमण के संचारित होने की संभावना रहती है। हालांकि, इसका उपचार संभव है। इसके अन्य लक्षण निम्न हैं:

  • योनी में खुजली और जलन
  • मूत्र में तकलीफ
  • सम्भोग के दौरान असहजता

9. बैक्टीरिया का संक्रमण भी हो सकता है सफेद पानी आने का कारण

यदि निर्वहन सफ़ेद, धूसर या पीले रंग का है और उसमें मछली की सी महक आती है तो यह बैक्टीरियल वेजिनोसिस का लक्षण हो सकता है।

योनी में बैक्टीरिया के बढे हुए उत्पादन के कारण यह संक्रमण हो जाता है। एक स्वस्थ वातावरण रखने के लिए योनी में बैक्टीरिया और यीस्ट का संतुलन बनाये रखना पड़ता है।

जब बैक्टीरिया का उत्पादन असंतुलित होता है तो यह रोग घेर लेता है। हालांकि चिकित्सक अभी भी इसका मुख्य कारण नहीं  ढून्ढ पाए हैं लेकिन कुछ कारणों में निम्न शामिल हैं:

  • एकाधिक साथी के साथ यौन सम्बन्ध
  • दौचिंग

सफेद पानी आने का इलाज

1. तुलसी

तुलसी एक ऐसा पौधा होता है जिसमें कई चिकित्सीय गुण होते हैं। यह प्रदर के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बहुत ही पुराना उपाय है।

विधि:

नियमित रूप से तुलसी की पत्तियों का दूध के साथ सेवन करने से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।

इसके अलावा आप तुलसी की  पत्तियों का दो बार शहद के साथ सेवन करके भी इस समस्या का निवारण कर सकते हैं।

2. सेब का सिरका

सेब के सिरके में कई प्रकार के स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से लड़ने की क्षमता होती है। इसके एसिडिक गुण के कारण यह योनी में होने वाले स्त्राव का समाधान करता है।

विधि:

एक गिलास डिस्टिल्ड पानी 1 कप सेब के सिरके के साथ मिला लें। इसे अपनी योनी  दिन में दो बार धोने के लिए इस्तेमाल करें।

3. आंवला

आंवले में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जिसके कारण इसमें संक्रमण से लड़ने के गुण होते हैं। यह आपके इम्यून सिस्टम को सशक्त बनाता है और स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से लड़ता है। यह योनी से होने वाले सफ़ेद स्त्राव में अत्यधिक उपयोगी होता है।

विधि:

2-3 बड़े चम्मच आंवले का चूर्ण लें और शहद के साथ मिला लें। इससे गाढ़ा पेस्ट बन जायेगा। इस मिश्रण को दिन में दो बार महीने में कम से कम अवधि के लिए खाएं।

इसको अन्य तरीके से इस्तेमाल करने के लिए आप आंवले का चूर्ण और शहद पानी में डालकर उबाल लें जब तक कि इस मिश्रण की मात्रा आधी न रह जाये। इस सिरप का एक चम्मच दिन में कम से कम दो बार लें।

4. अनार

अनार को स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी माना जाता है।

विधि:

अनार की सूखी हुई पत्तियों को यदि पानी में मिलाकर इसका पेस्ट बनाया जाये और रोज़ सुबह सेवन किया जाये तो यह प्रदर से निजात दिला सकता है। एक अन्य तरीके में  इसको आप ऐसे ही भी खा सकते हैं। इसके अलावा आप रोज़ अनार का रस भी पी सकते हैं। यदि इनमें से किसी  भी तरीके का पालन किया जाये तो आपको एक महीने के भीतर ही परिणाम दिखने लगेंगे।

5. केला

केले में कई मिनरल्स होते हैं और कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं जो बिमारियों से लड़ते हैं। यह एक आसान और उपयोगी तरीका होता है।

विधि:

रोज़ 1-2 पके हुए केले खाएं। आपको फायदा मिलेगा।

6. सूखा धनिया

यह उपाय अत्यधिक उपयोगी होता है और इसके कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।

विधि:

इस घरेलू विधि का पालन करना बहुत ही आसान होता है। थोडा सा सूखा धनिया रातभर पानी में भिगोकर रख दें। इसे छानकर सुबह पी लें। आपको एक पखवाड़े में ही इसके परिणाम दिखेंगे।

7. सूखी मेथी

प्रदर का इलाज करने के लिए सूखी मेथी को उपयोगी माना जाता है। यह योनी के पीएच के स्तर को संतुलित करती हैं और महिलाओं में एस्ट्रोजन के स्तर को संतुलित रखती हैं।

विधि:

सूखी मेथी को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह छान लें और आधा चम्मच शहद डाल लें। अच्छी तरह मिला लें और खाली पेट पीयें। इसका अन्य तरीका यह हो सकता है कि आप मेथी के दानो को पानी में 30 मिनट के लिए उबाल लें।

इस पानी को दो तरीको से इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसे अपनी योनी को धोने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर इसे ठंडा करके पी भी सकते हैं।

8. चावल का स्टार्च

नियमित रूप से चावल के स्टार्च का सेवन करना योनी से होने वाले सफ़ेद निर्वहन से निजात पाने का अच्छा तरीका होता है।

विधि:

चावल का स्टार्च घर पर आसानी से चावल बनाते समय निकाला जा सकता है। इसका नियमित सेवन करने से परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

9. फिटकरी

योनी में सफ़ेद निर्वहन की समस्या के लिए फिटकरी का इस्तेमाल काफी लम्बे समय से किया जा रहा है।

विधि:

फिटकरी को पानी के साथ मिलाने पर एक घुलनशील पदार्थ मिलता है। इसे पीयें नहीं। इसे अपनी योनी पर लगायें ताकि आपको प्रदर की समस्या न हो। आप नहाते समय फिटकरी को रगड़ भी सकते हैं क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं।

10. जीरा

जीरे से बना मिश्रण योनी की समस्याओ का प्राकृतिक इलाज होता है।

विधि:

जीरे को पी लें और शहद के साथ अच्छी तरह मिला लें। फिर इसे अपनी योनी क्षेत्र में भरपूर मात्रा में लगा लें।

11. चन्दन का तेल

चन्दन का तेल भी योनी से होने वाले सफ़ेद निर्वहन में अत्यधिक उपयोगी होता है। इससे बैक्टीरिया जन्म नहीं लेते हैं।

विधि:

1 बड़ा चम्मच चंदन का तेल गर्म कर लें और गुनगुना होने पर इसे अपनी योनी पर लगा लें। अच्छे परिणामों के लिए इसे हफ्ते में 3-4 बार दोहराएं।

12. हल्दी चूर्ण

अपनी एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों के लिए हल्दी एक प्राकृतिक इलाज के रूप में मशहूर होती है।

इसे जब लहसुन के साथ मिला दिया जाता है तो यह योनी से सफ़ेद निर्वहन में अत्यधिक उपयोगी साबित होती है। यदि यह निर्वहन जलन पैदा करे तो आप हल्दी के साथ लहसुन खा सकते हैं।

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दिव्या

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