मंगलवार, नवम्बर 12, 2019

सऊदी की तेल कंपनी अरामको में हुआ ड्रोन हमला

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

सऊदी अरब में दुनिया की सबसे बड़ी तेल उप्तादक कंपनी में ड्रोन से हमला किया गया है और इसका संचालन सऊदी अरामको करती है। यह हमला शनिवार को किया गया था और यह विह्व की ऊर्जा सप्लाई के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है।

सऊदी की अरामको साईट पर हमला

बुक्याक और खुरैस के तेल क्षेत्रों में हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है। हालाँकि यमन के हौथी विद्रोहियों ने इससे पूर्व सल्तनत के काफी अन्दर ड्रोन को दागा था। इस हमले में हताहत की कोई स्पष्ट सूचना नहीं है। यह हमला पर्शियन गल्फ में तनावों में इजाफा करेगा और अमेरिका व ईरान के बीच संघर्ष को बढ़ाएगा।

बुक्याक में एक ऑनलाइन विडियो शूट किया गया था जिसमे बैकग्राउंड से गोलीबारी की आवाज आ रही थी। आसमान की सरहद तक धुआं बढ़ गया था और काफी दूर से आग की लपटों को आसानी से देखा जा सकता था।

आन्तरि मंत्री ने कहा कि “ड्रोन द्वारा स्थल को निशाना बनाने के बाद आग लगना शुरू हुई थी। इस हमले के बाबत जांच शुरू कर दी गयी है।” सऊदी अरामको ने इस मामले पर अभी कोई टिप्पणी नहीं दी है। अरामको ने अब्कैक की तेल उत्पादन सुविधा को विश्व का सबसे बड़ा कच्चे तेल का प्लांट करार दिया था।

आंकड़ो के मुताबिक, यह स्थान एक दिन में 70 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करता है। इस प्लांट को पूर्व में भी चरमपंथियों ने निशाना बनाया था। अलकायदा ने साल 2006 में फियादीन हमले की कोशिश की थी लेकिन हमले में नाकाम हुआ था।

खुरैस आयल फील्ड प्रतिदिन 10 लाख बैरल कच्चे ताल का उत्पादन करता है। आंकलन के मुताबिक इसने 20 अरब बैरल कच्चे तेल को संरक्षित रखा है। इससे वैश्विक तेल कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है क्योंकि बाजार सप्ताहांत होने के कारण बंद है।

सऊदी गठबंधन के साथ जंग की शुरुआत के बाद हौथी विद्रोही हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। सऊदी के आरोप के मुताबिक, ईरान हौथियो को ड्रोन मुहैया करता है लेकिन तेहरान इस दावे को ख़ारिज करता है।

पश्चिम समर्थित सुन्नी मुस्लिम गठबंधन सऊदी अरब और यूसी ने यमन में साल 2015 में दखल दिया था।, ताकि अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमन की सरकार को वापस सत्ता पर बैठाया जा सके। हौथी विद्रोहियों का देश के अधिकतर भागो पर नियंत्रण है। इसमें राजधानी सना भी शामिल है और साल 2014 के अंत में राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हदी की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से हटने के मज़बूर किया था।

 

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