शेयर बाजार: बिकवाली के दबाव में 491 अंक लुढ़ककर बंद हुआ सेंसेक्स

शेयर बाजार share market in hindi

मुंबई, 17 जून (आईएएनएस)| सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.52 बजे 187.56 अंकों की गिरावट के साथ 39,264.51 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 57.30 अंकों की कमजोरी के साथ 11,766.00 पर कारोबार करते देखे गए।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 62.29 अंकों की मजबूती के साथ 39,514.36 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.7 अंकों की बढ़त के साथ 11,844.00 पर खुला।

बिकवाली के दबाव में 491 अंक लुढ़ककर बंद हुआ सेंसेक्स

घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को बिकवाली का दवाब बढ़ने की वजह से प्रमुख शेयर संवेदी सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 491.28 अंकों यानी 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ 38,960.79 पर बंद हुआ। वहीं,निफ्टी 151.15 अंकों यानी 1.28 फीसदी की लुढ़क कर 11,672.15 पर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 62.29 अंकों की मजबूती के साथ 39,514.36 पर खुला जबकि 491.28 अंकों यानी 1.25 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 38,960.79 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स का ऊपरी स्तर 39,540.42 जबकि निचला स्तर 38,911.49 रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 500 अंकों से ज्यादा लुढ़का।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.7 अंकों की बढ़त के साथ 11,844.00 पर खुला और कारोबार के अंत में 151.15 अंकों यानी 1.28 फीसदी लुढ़क कर 11,672.15 पर रहा। दिनभर के कारोबार के दौरान इसका ऊपरी स्तर 11,844.05 जबकि निचला स्तर 11,657.75 रहा।

बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिड-कैप सूचकांक 189.72 अंकों यानी 1.29 फीसदी की गिरावट के साथ 14,531.27 पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक 193.25 अंकों यानी 1.35 फीसदी लुढ़क कर 14,172.68 पर बंद हुआ।

बीएसई के सभी 19 सेक्टरों के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन सबसे ज्यादा गिरावट धातु (3.05 फीसदी), ऊर्जा (2.49 फीसदी), तेल व गैस (2.34 फीसदी), आधारभूत सामग्री (2.32 फीसदी) और दूरसंचार (2.19 फीसदी) रही।

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