चीन-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर मार्च में होने वाली शी-ट्रम्प की मुलाकात हुई रद्द

शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच अब मार्च के अंत में मुलाकात नहीं होगी क्योंकि अभी व्यापार वार्ता पर अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। ट्रेज़री सेक्रेटरी स्टीवन मनुचिन ने पत्रकारों से कहा कि “दोनों पक्ष बहुत जल्द समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अच्छी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि “अभी काफी कार्य शेष हैं लेकिन जहां हम हैं वह बेहद सुखद है। मेरे ख्याल से पिछली बार हम जहां थे इस बार कुछ अलग है।” डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरूवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि “हम चीन के साथ बातचीत काफी अच्छी कर रहे हैं। हम जो चाहते थे वह हमें मिल रहा है और मेरे ख्याल से वह जल्द ही हमें मिल जायेगा।”

डोनाल्ड ट्रम्प नें व्हाइट हाउस में कहा कि “एक मार्ग या अन्य मार्ग से, हमें अगले तीन या चार हफ़्तों में सब मालूम हो जायेगा। चीन बेहद जिम्मेदार और तर्कसंगत है।”

इस मामले से सम्बंधित एक सूत्र ने रायटर्स को बताया कि “आगामी माह अंत तक दोनों नेताओं की मुलाकात पर अटकले लगाई जा रही है।” चीन की न्यूज़ एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि चीन के उप प्रधानमंत्री लिउ ही ने टेलीफोन पर मनुचिन और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रोबर्ट लिहितजीर से बातचीत की थी और दोनों पक्ष व्यापार वार्ता के प्रगति करना चाहते हैं।

वांशिगटन चाहता है कि अमेरिका अपने बाज़ार के द्वार खोले और उद्योगिक सब्सिडी घटाकर, 375 बिलियन डॉलर के व्यापार अंतर को भरे। डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी उत्पादों के निर्यात पर 250 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाया था। सूत्रों के मुताबिक 200 बिलियन डॉलर के चीनी उत्पादों पर जनवरी से 10 से 25 फीसदी तक वृद्धि करनी थी लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पर रोक लगा दी थी।

डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी है यदि चीन अमेरिका की मांगों को पूरा करने में असमर्थ रहता है तो 267 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जायेगा। अमेरिका का आरोप है कि तकनीक की चोरी करता है और फिर उसे सस्ते दामों में उपलब्ध करता है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here