शकील अहमद की मधुबनी से उम्मीदवारी से, बिहार में महागठबंधन पर असर पड़ेगा?

शकील अहमद

कांग्रेसी दिग्गज नेता शकील अहमद ने पार्टी प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने के बाद मधुबनी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया हैं। इन दिनों बिहार में महागठबंधन की केमेस्ट्री ने उग्र रूप ले लिया हैं।

राज्य में विपक्षी महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं।

मैं पार्टी के समर्थन को लेकर आशान्वित हूं और सुपौल की तरह मधुबनी में एक दोस्ताना मुकाबला चाहता हूं।

सुपौल सांसद रंजीत रंजन, कांग्रेस के टिकट पर राष्ट्रीय जनता दल के दिनेश प्रसाद यादव के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। यादवों के वोटों में कोई भी कमी राजन की हार का कराण बन सकता हैं, क्योकि यह निर्वाचन क्षैत्र ओबीसी आबादी का मजबूत गढ़ हैं।

रंजीत रांजन नेता बने डॉन राजेश रंजन की पत्नी हैं। जिन्हे पप्पू यादव के नाम से जाना जाता हैं और वे मधेपुर लोकसभा सीट से आरजेडी के उम्मीदवारी पर चुनाव लड़ रहे हैं। जेडीयू ने इस लोकसभा सीट से दिनेश चंद्रा यादव को उम्मीदवार  के रूप में उतारा हैं।

पिछले साल के विधानसभा चुनाव में पप्पू यादव आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव के साथ बाहर हो गए थे। उन्होंने महागठबंधन का हिस्सा बनने की कोशिश भी की थी और अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के लिए कुछ सीटे भी जुटा ली थी। हांलाकि, आरजेडी के तेजस्वी यादव ने जेएपी को महागठबंधन में शामिल होने से मना कर दिया था।

आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, सुपौल से कांग्रेस के मौजूदा सांसद रंजीत रंजन ने महागठबंधन का पक्ष नही लिया। लेकिन एनसीपी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री ने सुपौल से उनके चुनाव लड़ने का रास्ता बंद कर दिया।

लेकिन आरजेडी के युवा महासचिव अजय सिंह ने दावा किया कि पार्टी महागठबंधन की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ नही करेगी।

बिहार प्रदेश कांग्रेस के महासचिव संजीव सिंह ने कहा, हम जानते हैं शकील साहिब ने उम्मीदवारी दाखिल की हैं लेकिन एक पार्टी होने के नाते हम उनकी उम्मीदवारी का समर्थन नही करेंगे। हमे न तो हाई कमान से इसकी कोई जानकारी मिली हैं और न ही बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इस के बारे में कोई जानकारी दी हैं। इसलिए हम महागठबंधन के धर्म का पालन करेंगे।

महागठबंधन ने मधुबनी की सीट को वीआईपी को आवंटित की है और यहां के उम्मीदवार बद्री पूर्वें एनडीए के पूर्व सांसद हुकूम देव नारायण के बेटे अशोक यादव के खिलाफ लड़ेंगे। सीटों के  साझा करने के सूत्र के अनुसार, कांग्रेस आधिकारिक तौर पर 9 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं जबकि आरजेडी 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। अन्य 11 सीटे अन्य गठबंधन के बीच बांट दिए गए हैं।

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