भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, शंघाई सहयोग संगठन की सालाना शिखर वार्ता में हिस्सा लेने चीन के क्वीनदाओ शहर जाएँगे। शंघाई सहयोग संगठन की शिखर वार्ता से पहले पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्वीपक्षीय मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग यह वार्ता कल शनिवार 9 मई को होगी, इस वार्ता का मुख्य हेतु पिछले महीने वुहान में की कई अनौपचारिक वार्ता में दोनों नेता जिन विषयों पर सहमत हुए थे, उन निर्णयों को कार्यान्वित करना यह हैं।

आपको बतादे, प्रधानमंत्री मोदी अपनी इस चीन यात्रा में शंगाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के प्रमुखों से अलग अलग द्वीपक्षीय मुलाकात करेंगे। लेकिन पाकिस्तान के राष्ट्रपति मंमून हुसेन, जो की पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उनसे पीएम मोदी मिलेंगे या नहीं इस विषय में कोई भी जानकारी जारी नहीं की गयी हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के अनुसार, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन की सालाना शिखर वार्ता में हिसा लेने चीन जाएँगे। पीएम मोदी बैठक से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्वीपक्षीय मुलकात करेंगे। इस संगठन की साल की बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के साखा विकास में मदत करना यह हैं और उपलब्द्ध अवसरों को पहचानना हैं।”

“शांगरी-ला डायलॉग में पीएम मोदी के भाषण की चीन की तरफ से सराहना की गई हैं। इस सप्ताह दक्षिण अफ्रीका में हुई ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री स्तरिय बैठक में यह बात चीनी स्टेट काउंसलर वांग यी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को कही।”

शंघाई सहयोग संगठन की इस बैठक में रशियन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शिरकत करेंगे। पिच्च्ले महीने के अंत में सोची में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अनुपच्रिक वार्ता हो चुकी हैं।

दोनों नेता एससीओ की शिखर वार्ता से पहले या बाद में द्वीपक्षीय वार्ता कर सकते हैं। आपको बतादे, भारत ने हालहिं में रूस से 200 कमोव हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा किया हैं और इस विषय में अक्टूबर में आधिकारिक शुरुवात होनी हैं लेकिन इससे पहले दोनों नेताओं के बीच वार्ता होने की अस्शंका जताई जा रही हैं।

आपको बतादे, शंघाई सहयोग संघटन, मध्य एशियाई देशों का संगठन हैं। भारत इस शिखर वार्ता में निरीक्षक के रूप में हिस्सा लेता था। लेकिन रशियन राष्ट्रपति के प्रयासों की वजह से पिछले साल भारत को संगठन का पूर्ण सदस्यत्व प्रदान कर दिया गया, लेकिन भारत के साथ चीन के समर्थन से पाकिस्तान भी संगठन का पूर्ण सदस्य बन चूका हैं।


प्रशांत, पुणे विश्वविद्यालय में बीबीए(कंप्यूटर एप्लीकेशन्स) के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वे अन्तर्राष्ट्रीय राजनीती, रक्षा और प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज में रूचि रखते हैं।

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