केंद्र सरकार की ओर से 21 जून से लागू होने वाले राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी किए गए हैं। इस संशोधित गाइडलाइन में कहा गया है कि केंद्र की ओर से राज्यों को आबादी, संक्रमण और वैक्सीनेशन की रफ्तार के आधार पर टीकों का आवंटन किया जाएगा। केंद्र सरकार के मुताबिक जिन राज्यों में वैक्सीन की बर्बादी कम होगी उन राज्यों को इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

केंद्र की तरफ से राज्यों को जितनी वैक्सीन मिलेंगी, उसके हिसाब से राज्य सरकारें जिलों को वैक्सीन बाटेंगी। यहां स्वास्थ्य कर्मचारी सबसे ऊपर होंगे। इसके बाद 45 उम्र वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और उसके बाद उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें दूसरी खुराक मिलनी है।

नए गाइडलाइंस के अनुसार प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन की कीमत मैन्युफैक्चरर कंपनियां तय करेंगी और किसी तरह का बदलाव किए जाने पर पहले ही जानकारी दे दी जाएगी। प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन की एक खुराक पर सर्विस चार्ज अधिकतम 150 रुपये तक हो सकती है। जो लोग वैक्सीन के लिए कीमत का भुगतान करने में सक्षम हैं उन्हें प्राइवेट वैक्सीनेशन केंद्रों में जाकर खुराक लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

वैक्सीनेशन में प्राथमिकता का आधार बताया गया है। सबसे पहले हेल्थकेयर वर्करों को खुराक दी जाएगी। इसके बाद क्रमवार तरीके से पहले फ्रंटलाइन वर्कर फिर 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोग, वैसे लोग जिनकी दूसरी खुराक अभी बाकी है इसके बाद 18 व इससे अधिक आयुवर्ग का वैक्सीनेशन किया जाएगा।

सरकार की ओर से जारी इन दिशानिर्देशों के मुताबिक, केंद्र राज्य सरकार को पहले ही बता देगी कि कितने डोज मिलने वाले हैं। इसी हिसाब से राज्य सरकारें जिलों को वैक्सीन का वितरण करेंगी और आखिर में जिलों और वैक्सीनेशन केंद्रों की ओर से जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, ताकि लोगों को दिक्कत ना हो।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के अलावा सभी राज्य वैक्सिनेशन साइट पर भी रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करेंगे। अगर कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर किसी व्यक्ति की मदद करना चाहता है और उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में वैक्सीन लगाने की सुविधा देना चाहता है तो इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक वाउचर जारी किए जाएंगे। यह नॉन-ट्रांसफरेबल होगा। राज्य सरकारें वैक्सीन बुकिंग के लिए कॉमन सर्विस सेंटर या कॉल सेंटर भी शुरू कर सकते हैं।

डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि कोविशील्ड की 25 करोड़ डोज और कोवैक्सीन की 19 करोड़ डोज का ऑर्डर दे दिया गया है। यह अगस्त और इससे आगे के लिए है। इसके साथ ही 30 पर्सेंट अडवांस भी रिलीज किया जाएगा। बायोलॉजिकल-ई का भी नया वैक्सीन बन रहा है वह भी सितंबर में उपलब्ध होगा और उन्हें भी 30 करोड़ वैक्सीन डोज के लिए अडवांस दिया गया है। जुलाई तक के लिए 53 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज का बंदोबस्त पहले हो चुका है।


दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास का छात्र। खासतौर पर इतिहास, साहित्य और राजनीति में रुचि।

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