शनिवार, जनवरी 18, 2020

वेनेजुएला शरणार्थी संकट के लिए यूएन ने लगाई मदद की गुहार

Must Read

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिए निर्देश, संविधान को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर 3 महीने में ले फैसला

देश के प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने और प्राइमरी स्कूल के पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान को शामिल...

पाकिस्तान : कट्टरपंथी संगठन के 86 सदस्यों को आतंकवादी रोधी अदालत ने सुनाई 55-55 साल कैद की सजा

पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक आतंकवाद रोधी अदालत ने कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के 86 सदस्यों व समर्थकों...

राजकोट वनडे : भारतीय बल्लेबाजों की दमदार वापसी, आस्ट्रेलिया को दिया 341 रनों का लक्ष्य

मुंबई में मिली बुरी हार से आहत भारतीय बल्लेबाजों ने शुक्रवार को यहां सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले...
कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने रविवार को वेनेजुएला के शरणार्थियों के लिए मानवीय मदद के लिए अधिक मदद की गुहार लगायी है। वेनेजुएला के नागरिक दूसरे राष्ट्रों की तरफ भाग रहे हैं और सामाजिक सुविधायों में वृद्धि से स्थानियों के बीच तनाब काफी बढ़ गया था।

शरणार्थियों के लिए यूएन उचायुक्त फिल्लिपो ग्रंदी ने इस हफ्ते ब्राज़ील के शहर पकारैमा की यात्रा की योजना बनायीं थी लेकिन विभाग ने निरंतर निवासियों के प्रदर्शनों के कारण इस यात्रा को रद्द करने की सलाह दी थी। इस इलाके निवासी रोजाना 500 वेनेजुएला के नागरिको के आगमन से नाखुश है।

बीते हफ्ते पकारैमा में निवासियों ने दुकानों को बंद कर दिया था और सडको पर प्रदर्शन किया था और नारे लगाये कि वेनेजुएला बाहर जाओ, पकारैमा हमारा है। ग्रांडी ने कहा कि वित्तीय संस्थान जैसे विश्व बैंक और आंतरिक अमेरिकी विकास बैंक जुड़े हुए हैं उन्हें स्वास्थ्य सिस्टम और शिक्षा में तीव्रता की जरुरत है।

यूएनएचसीआर ने एक रिपोर्ट में कहा था कि करीब 43 लाख वेनेजुएला के नागरिकों ने देश में आर्थिक और राजनीतिक संकट के कारण दूसरे देशों का रुख किया था। अमेरिकी राज्यों के संगठन ने कहा कि अगले वर्ष अंत तक 80 लाख लोग वेनेजुएला से भाग जायेंगे और यह विश्व का सबसे बड़ा प्रवासी संकट होगा।

दक्षिणी अमेरिकी राष्ट्र आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। देश में राजनीतिक संकट इस वर्ष के शुरू में आया था जबकि आर्थिक संकट एक दशक पुराना है।

वेनेजुएला में मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष ने एक अभियान की शुरुआत की थी। संसद में विपक्ष के नेता ने खुद को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया था और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अमेरिका ने तत्काल गुइडो को समर्थन दिया था।

 

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिए निर्देश, संविधान को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर 3 महीने में ले फैसला

देश के प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने और प्राइमरी स्कूल के पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान को शामिल...

पाकिस्तान : कट्टरपंथी संगठन के 86 सदस्यों को आतंकवादी रोधी अदालत ने सुनाई 55-55 साल कैद की सजा

पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक आतंकवाद रोधी अदालत ने कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के 86 सदस्यों व समर्थकों को कुल मिलाकर 4738 साल...

राजकोट वनडे : भारतीय बल्लेबाजों की दमदार वापसी, आस्ट्रेलिया को दिया 341 रनों का लक्ष्य

मुंबई में मिली बुरी हार से आहत भारतीय बल्लेबाजों ने शुक्रवार को यहां सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे वनडे मैच...

छत्तीसगढ़ : बस्तर में कुपोषण के खिलाफ ‘गुड़’ को हथियार बनाएगी भूपेश सरकार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुपोषण को नक्सलवाद से बड़ी चुनौती मानते हैं और यही कारण है कि इसके खात्मे के लिए कई अभियान...

सुप्रीम कोेर्ट ने महात्मा गांधी को भारत रत्न दिए जाने की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महात्मा गांधी को भारतरत्न से सम्मानित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र को कोई भी निर्देश जारी...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -