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वेनेजुएला में तैनात रुसी बॉम्बर

रूस की सरकार वेनुजुएला के समाजवादी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार का समर्थन करती है। वेनुजुएला में सोमवार को दो टू- 160 बॉम्बर को लैंडिंग हुई थी। अमेरिका के राज्य सचिव माइक पोम्पेओ ने कहा कि दो भ्रष्ट सरकारे जनता का धन फिजूलखर्ची में उड़ा रहे हैं।

रुसी सरकार ने अमेरिकी सचिव के शब्दों को पूर्णत अनुचित करार दिया था। लोंग रेंज स्ट्रेटेजिक बॉम्बर सोमवार को वेनुजुएला की राजधानी के निकट हवाईअड्डे पर लैंड हुए थे। इसके साथ ही दो रुसी विमान भी लैंड किये गए थे। रूस और वेनुजुएला लम्बी अवधि के साझेदार हैं और रूस ने मिसाइल क्रूजर को वेनुजुएला में साल 2008 में भेजा था।

हाल ही में वेनुजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मास्को में मुलाकात की थी। साल 2013 में वेनुजुएला में सुपरसोनिक बॉम्बर भी भेजा गया था। वेनुजुएला के रक्षा मंत्री ने कहा कि यह रुसी साझेदारों के साथ एयरफाॅर्स अभ्यास का एक हिस्सा था।

उन्होंने कहा कि यह अभ्यास हम अपने दोस्तों के साथ करेंगे क्योंकि हमारे विश्व में कई ऐसे मित्र हैं जो आदरणीय और संतुलित संबंधों का बचाव करते हैं। उन्होंने कहा कि जरुरत पड़ने पर हम वेनुजुएला के आखिरी इंच तक बचाव के लिए डटे रहेंगे।

राष्ट्रपति मादुरो ने रविवार को कहा कि वेनुजुएला में लोकतान्त्रिक जीवन में कठिनाईयां उत्पन्न करने और संवैधानिक, लोकतान्त्रिक और मुक्त सरकार के खिलाफ अब्भियाँ चलाने से सम्बंधित बातचीत के लिए हम अमेरिका के साथ सीधे संपर्क में हैं।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वेनुजुरेला में रुसी बोम्बेर्स की तैनाती का ऐलान ट्वीटर पर किया था। रुसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि माइक पोम्पेओ की टिप्पणी बेहद गैर कूटनीतिज्ञ है। अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में रूस ने वेनुजुएला में लाखों लोगों की मदद के लिए सैन्य अस्पताल की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि रूस का वेनुजुएला में बॉम्बर तैनात करना एक मानव निर्मित आपदा को न्योता देना है न कि नागरिकों की सहायता करना है।

साल 2014 से वेनुजुएला के नागरिकों को दवाइयों और सुविधायों से वंचित पड़ रहा हैं। केवल रूस ही एकमात्र ऐसा देश नहीं है जो दुसरे देशों में सैन्य विमानों को भेजता हैं। अमेरिका भी अपने सहयोगियों के देश में सैन्य विमानों की तैनाती करता है।

By कविता

कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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