Wed. Oct 5th, 2022

    इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड के ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया हैं की वित्तीय वर्ष 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था का वृद्धिदर 7.3% रहेगा और यह दर यह वृद्धिदर वित्तीय वर्ष 2019 के लिए 7.4% होगा। आपको बता दे, पीछले साल भारत में वृद्धीदर 6.7% रहा।

    आयएमएफ द्वारा जारी वर्ल्ड इकनोमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, “भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धिदर 2018 में 7.3% रहेगा और 2019 के लिए 7.4% रहेगा। [वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की बढती कीमतों और बाजार की परिस्थिति के असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर हो रहा हैं। अप्रैल में जारी रिपोर्ट के अनुसार 2019 के लिए वृद्धीदर 7.45% होने की आशंका जताई गयी थी।]”

    आयएमएफ के अनुसार, “भारत नोटबंदी और जीएसटी के परिणामों से उभर रहा हैं। सर्कार द्वारा उठाये गए इन कदमों से देश में निवेश के पूरक परिस्थिति तयार होगी। जिससे अर्थव्यवस्था को चालना प्रदान होगी।”

    इस साल के तीसरे तिमाही में भारत में वृद्धीदर 7.3% पर स्थिर हैं। लेकिन देश के कर व्यवस्था में किए गए बदलावों के चलते, यह दर अनुमानित दर से ½% कम हैं।

    अगर इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड के अनुमान सच साबित होते हैं, तो भारत विश्व के सबसे तेजीसे बड़नेवाली उभरती अर्थव्यवस्था होगी। वर्त्तमान स्थिति के अनुसार, भारत का वृद्धीदर चीन के मुकाबले 0.7% ज्यादा हैं, वहीँ अगले साल के अनुमानों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था का वृद्धिदर चीन से 1.2% ज्यादा रहने की आशंका है।

    पिछले साल तक, चीन, विश्व की तेजीसे बढती उभरती अर्थव्यवस्था थी। उस समय चीनी अर्थव्यवस्था, भारत के अर्थव्यवस्था से 0.2% ज्यादा तेजी से तरक्की कर रही थी।

    बाली में इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड और वर्ल्ड बैंक समूह के बैठक के दौरान प्रकाशित किए गए वर्ल्ड इकनोमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया, अप्रैल के रिपोर्ट चीन के अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित दर को कम कर दिया गया हैं। इसके पीछे अमेरिका-चीन ट्रेड वार बताया जा रहा हैं

    By प्रशांत पंद्री

    प्रशांत, पुणे विश्वविद्यालय में बीबीए(कंप्यूटर एप्लीकेशन्स) के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वे अन्तर्राष्ट्रीय राजनीती, रक्षा और प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज में रूचि रखते हैं।

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