दा इंडियन वायर » खेल » विजय शंकर का सफर: कही भी नही से लेकर विश्वकप में भारत के नंबर-4 तक
खेल

विजय शंकर का सफर: कही भी नही से लेकर विश्वकप में भारत के नंबर-4 तक

विजय शंकर

अगर किसी ने 2019 की शुरुआत में सुझाव दिया था कि विजय शंकर भारत के विश्व कप टीम का हिस्सा होंगे, तो वह ऑलराउंडर खिलाड़ी खुद हो सकते है।

पिछले साल मार्च में हुई निदाहास ट्रॉफी से पहले इस खिलाड़ी ने कोई भी अतंरराष्ट्रीय वनडे और टी-20 मैच नही खेला था।

लेकिन पिछले 3 महीने में उनकी जिंदगी में एक अलग बदलाव आया है और उन्होने बहुत कम मैचो में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओ को प्रभावित किया है जिसके चलते उन्हे विश्वकप की 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है। लेकिन उनके लिए एक औऱ अच्छी खबर है जैसे की उन्हे नंबर चार के लिए चुना गया है ऐसे में वह विश्व कप की प्लेइंग-11 में भी खेलते नजर आ सकते है।

विजयशंकर ने सोमवार को कहा, ” मैं भारतीय टीम में शामिल होने के लिए तैयार हूं। यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। हमारी टीम एसआरएच में ऐसे कुछ खिलाड़ी है जो पहले विश्वकप खेल चुके है और मैंने उनसे बात की कि विश्वकप खेलकर कैसा महसूस होता है। मैंने इन सभी खिलाड़ियो से सीखा है कि विश्वकप जैसे बड़े इवेंट में दबाव कैसे झेलना है।”

हाल के महीनों में विजय शंकर की तेजी से वृद्धि वास्तव में अच्छे भाग्य के साथ शुरू हुई क्योंकि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय मैचों के लिए हार्दिक पंड्या के प्रतिस्थापन के रूप में टीम में शामिल किया गया था। । शायद, चीजें पूरी तरह से उनके भाग्य में थीं। अगस्त 2016 में, आखिरकार, हार्दिक ने इंडिया ए के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक चोटिल विजय की जगह ली थी और कुछ ही समय बाद अपना एकदिवसीय और टेस्ट डेब्यू किया।

एक महीने पहले टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में विजयशंकर ने कहा, उन्होंने विश्वास करना शुरू कर दिया कि वे न्यूजीलैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम में थे। वह वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें वनडे का विशेष रूप से उल्लेख कर रहे थे, क्योकि उन्होने उस मैच में जब टीम के 18 रन पर 4 विकेट थे उस समय 45 रन की शानदार पारी खेली थी और भारतीय टीम को एक अच्छी पोजिशन में पहुचा कर मैच जितवाया था।

उन्होने कहा, ” मेरी इस पारी से टीम में आत्मविश्वास आया कि में ऑर्डर में आगे आकर भी अच्छी बल्लेबाजी कर सकता हूं। अगर में वहा अच्छा प्रदर्शन नही करता तो मैं वही टीम से बाहर हो जाता। मैंने उस समय सोच रखा था कि मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद लूं और जितने ज्यादा से ज्यादा ओवर हो सके बल्लेबाजी करू। वनडे क्रिकेट ने मेरे लिए चीजे बदल दी है।”

About the author

अंकुर पटवाल

अंकुर पटवाल ने पत्राकारिता की पढ़ाई की है और मीडिया में डिग्री ली है। अंकुर इससे पहले इंडिया वॉइस के लिए लेखक के तौर पर काम करते थे, और अब इंडियन वॉयर के लिए खेल के संबंध में लिखते है

Add Comment

Click here to post a comment

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!