Wed. Oct 5th, 2022
    ट्रैन 18 बनी देश की सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेन

    भारत की पहली इंजनरहित रहित और सबसे तेज़ ट्रेन जिसको ट्रेन 18 या वन्दे भारत एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है इसे जल्द ही दिल्ली से वाराणसी रूट पर शूरू किया जाएगा। हाल ही में इसके किराए और विभिन्न शुल्क की जानकारी साझा की गयी है।

    किराए की पूरी जानकारी :

    इसमें यात्रियों को चेयर कार का किराया, दिल्ली से वाराणसी तक 1850 रूपए होगा और यदि कोई यात्री एग्जीक्यूटिव क्लास में यात्रा करता है तो उसे दिल्ली से वाराणसी के लिए कुल 3520 रूपए शुल्क देना होगा। वापसी की यात्रा पर, कुर्सी कार टिकट की कीमत 1,795 होगी और कार्यकारी वर्ग टिकट की कीमत  रूपए 3470 रखी गयी है।

    बतादें की इसी रूट पर चल रही शताब्दी से इस ट्रेन का किराया 1.5 गुना है वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास का शताब्दी की तुलना में इसका किराया 1.4 गुना है।

    स्टेशन के अनुसार किराया :

    दिल्ली और कानपूर(447 किमी) के बीच का किराया चेयर कर के लिए 1150 रूपए रखा गया है वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास के यात्रियों को इसके लिए 2245 रूपए देने होंगे। इसके साथ ही यदि यात्री दिल्ली से प्रयागराज के बीच यात्रा कर रहे है तो एक चेयर कार के लिए उन्हें 1480 रूपए और एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 2935 रूपए देने होंगे।

    इसके बाद कानपूर से प्रयागराज के बीच का चेयर कर का किराया 630 रूपए होगा और एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया इसी रूट के लिए 1245 रूपए होगा।

    वन्दे भारत एक्सप्रेस की समय सारिणी और रूट की जानकारी :

    हाल ही में प्रस्तावित सारिणी के अनुसार वन्दे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से सुबह 6 बजे रवाना होगी और दोपहर के 2 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस रूट के बीच में यह कानपूर में 10:20 बजे रुकेगी और उसके बाद प्रयागराज में 12:25 पर रुकेगी। अपने पूरे रूट में यह ट्रेन इन दो स्टेशन के अलावा कहीं नहीं रूकेगी।

    इसके बाद वापसी के लिए यह ट्रेन वाराणसी से शाम 3:00 बजे रवाना होगी। इस रूट में यह प्रयोअग्राज स्टेशन पर 4:35 पर रुकेगी और इसके बाद कानपूर में शाम 6:30 बजे पहुंचेगी। यहाँ रुकने के बाद यह दिल्ली में 11:00 बजे पहुंचेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में पांच दिन चलेगी – मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार। सोमवार और गुरुवार को नई स्व-चालित ट्रेन का रखरखाव किया जाएगा। 

    By विकास सिंह

    विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

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