वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को पत्थरबाजी से बचाने के लिए भारतीय रेलवे ने बनाई क्रैक टीम

ट्रैन 18 बनी देश की सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेन

हाल ही में रेलवे ने घोषणा की है की भारत की सबसे तेज़ इंजन-कम ट्रेन 18 अब अपनी खिड़कियों को पथराव से बचाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा। दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर चलने वाली 180 किलोमीटर प्रति घंटे की वंदे भारत एक्सप्रेस पथराव की घटनाओं से कई बार क्षतिग्रस्त हो गई है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे ने अपनी नई योजना के तहत, हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले उपद्रवियों पर नज़र रखने के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की विशेष टीमें गठित की हैं।

इस तरह टीम करेगी कार्यवाही :

पुलिस बल के सादे कपड़े की टीम के सदस्य ग्रामीणों के साथ बातचीत करेंगे, जहां पिछले दिनों ट्रेन 18 पर कई पथराव हुए। ट्रेन 18 पर पथराव की पहली घटना दिसंबर 2018 के महीने में हुई थी जब एक कोच की खिड़की का कांच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

हिमांशु कुमार, एसपी, रेलवे, इलाहाबाद ने रिपोर्ट में बताया कि कानपुर से वाराणसी तक के क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखने का निर्णय लिया गया है और एक बार पकड़े जाने पर, उपद्रवियों पर सीआरपीसी के उपयुक्त 107 और 116 धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, हालांकि यदि कोई अपराध दोहराता है तो कार्रवाई कड़ी होगी। विशेष टीमें बेतरतीब ढंग से छापेमारी कर रही होंगी ताकि उपद्रवियों को बेखौफ पकड़ा जा सके।

वंदे भारत के शीशे होंगे शैटर प्रूफ :

पत्थरबाजों पर कार्यवाही करने के निर्णय के साथ साथ ही रेलवे विभाग द्वारा यह भी निर्णय भी लिया गया है की वंदे भारत में खिड़कियों में विशेष फ्रेम लगाए जाएंगे और इनके साथ ही खिड़कियों में मजबूत शीशे लगाए जाएंगे ताकि पत्थर का उनपर असर ना हो।

इस तरह की घटनाओं से ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे द्वारा उठाए गए विशेष कदमों के बारे में, अधिकारी ने बताया कि नए फ्रेम को खिड़कियों में फिट किया जाएगा, जो ग्लास को लचीला और शैटरप्रूफ बनाएगा।

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