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    भारत-रशिया द्वीवार्षिक शिखर वार्ता के हिस्सा लेने रशियन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 अक्टूबर को भारत दौरा करेंगे। इससे पहले भारत के ओर तीन मिग श्रेणी के मिग-21 विमानों को रूस को सोंपा जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, मीग-21 विमानों को रशियन रक्षा मंत्री के अपने भारतीय समकक्ष को किए गए विनंती के बाद हस्तांतरित किया जा रहा हैं। तीन विमानों में एक टाइप 75 प्रकार का और अन्य दो विमान टाइप 77 के हैं। इन विमानों को युद्ध में इस्तेमाल किए जाने लायक स्थिति में रशिया को सोंपा जा रहा हैं। इन विमानों को भारत से रशिया ले जाने का पूरा खर्च रशियन प्रशासन के ओर से किया जाएगा।

    रशिया को सुपूर्त किए जाने के बाद इन विमानों को नए रजिस्ट्रेशन नंबर दिए जाएंगे और इन्हें विंटेज फ्लाइट्स क्रू का हिस्सा बना लिया जाएगा। लेकिन अब यह स्पष्ट नहीं हो पाया हैं, की रशिया इन विमानों का किस लिए इस्तेमाल करेगा। आपको बतादे, मीग-21 रशियन मूल का एक लड़ाकू विमान हैं, और विश्व के इतिहास में सबसे ज्यादा निर्मित किए जानेवाला पहला सुपरसोनिक फाइटर जेट हैं। मीग-21 श्रेणी के 11,500 विमानों को निर्माण किया गया था, जिसका इस्तेमाल 50 से ज्यादा देशों की वायुसेनाएं कर रही हैं।

    भारतीय वायुसेना के पास मीग-21 श्रेणी के कुल 120 फाइटर जेट्स हैं, जिन्हें 2021-22 के अंत तक सेवा से हटाया जाएगा। भारतीय सेना में इस्तेमाल किए जानेवाले ज्यादातर बायसन वेरिन्ट्स के विमान हैं। भारतीय वायुसेना में सबसे ज्यादा समय तक इस्तेमाल किए जा रहे विमानों में से एक मीग-21 विमान हैं, जोकि अभी तक वायुसेना के प्रमुख विमानों में से एक हैं।

    By प्रशांत पंद्री

    प्रशांत, पुणे विश्वविद्यालय में बीबीए(कंप्यूटर एप्लीकेशन्स) के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वे अन्तर्राष्ट्रीय राजनीती, रक्षा और प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज में रूचि रखते हैं।

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