रविवार, फ़रवरी 23, 2020

लालकिला बना “गोद” लिया जाने वाला पहला धरोहर

Must Read

आयुष्मान खुराना: “मैं एक प्रशिक्षित गायक हूं क्योंकि मैं एक ट्रेन में गाता था”

आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने बॉलीवुड डेब्यू के लिए सही प्रोजेक्ट लेने के...

जाफराबाद में एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया, DMRC ने मेट्रो स्टेशन को किया बंद

केंद्र की ओर से जारी नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) को रद्द करने की मांग करते हुए 500 से अधिक...

‘हैदराबाद में शाहीन बाग जैसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी’: पुलिस आयुक्त

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने शनिवार को कहा कि शहर में "शाहीन बाग़ जैसा" विरोध प्रदर्शन की...

डालमिया समूह ने लालकिला को इसके पर्यटको के सुविधा व रखरखाव के लिए “गोद” लिया है।

क्या है “अडॉप्ट ए हेरिटेज स्कीम”?

केंद्र सरकार विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों के रखरखाव व वहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए निजी कम्पनियों के साथ करार करने की योजना लायी है।

इसके तहत लालकिला पहला ऐसा ऐतिहासिक स्मारक बना है जिसे गोद लिया गया व डालमिया ऐसा पहला समूह बना है जिसने किसी स्मारक को गोद लिया है।

डालमिया समूह के साथ सरकार का करार 5 साल का हुआ है व इसके लिए डालमिया समूह को 22 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

क्या है योजना?

“अडॉप्ट ए हेरिटेज” योजना ऐतिहासिक धरोहरों में पर्यटकों की सुविधाओं के रखरखाव व इंतजाम को निजी सेक्टर की कम्पनियों को देने के लिए चलाया जा रहा है।

केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की यह पहल “अडॉप्ट ए हेरिटेज: अपनी धरोहर अपनी पहचान” पर्यटन विभाग, भारतीय पुरातत्व विभाग, संस्कृति मंत्रालय व राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच साझेदारी से चलाया जायेगा।

यह योजना सभी साझेदारों के बीच परस्पर सहयोग की मदद से “जिम्मेदार पर्यटन” का विकास करेगी।

इसमें निजी, सार्वजनिक कम्पनियां अथवा व्यक्ति भाग ले सकते हैं ताकि ऐतिहासिक पर्यटन स्मारकों के आस-पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाये जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो।

पैदा हुआ विवाद

ऐतिहासिक स्मारकों को “लीज़” पर देने को लेकर राजनैतिक गलियारों में विवाद शुरु हो गया। विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया व तृणमूल कांग्रेस सी.पी.आई, कांग्रेस पार्टी व कुछ इतिहासकारों ने भी इस कदम पर अपना विरोध जताया है।

कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला करते हुए कहा, “लालकिला डालमिया समूह को देने के बाद वो कौन सा ऐतिहासिक स्मारक ही जिसे भाजपा सरकार “बांटने” वाली है?”

तृणमूल सुप्रीमो व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि “क्यों भाजपा सरकार ऐतिहासिक लालकिले की देखभाल भी नहीं कर सकती है? लाल किला हमारे देश की निशानी है। यहीं से स्वतन्त्रता दिवस पर झंडा फहराया जाता है। क्या इसे “लीज़” पर देना जरूरी था? देश के इतिहास का एक काला दिन।”

सी.पी.एम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि यू.पी.ए  सरकार के दौरान संसदीय कमिटी ने राष्ट्रीय धरोहरों को लीज़ पर देने के प्रस्ताव को एकमत से ठुकरा दिया था। सरकार को लालकिले के निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा।

समतुल्य फैसला,

सरकार के हर फैसले के पीछे एक राजनैतिक विवाद छुपा होता है। हालांकि सरकार का यह फैसला दूरदर्शी नहीं दिखता पर वर्तमान में इसके कई फायदे हैं।

निजी कम्पनियों के पर्यटक सुविधा देने से सबसे अच्छा फायदा ब्रांड इंडिया को मिलेगा। विदेशी पर्यटकों को अच्छी सुविधा से प्रभावित करना सबसे महत्वपूर्ण है। तभी “अतुल्य भारत” करनी में अतुल्य दिखेगा।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

आयुष्मान खुराना: “मैं एक प्रशिक्षित गायक हूं क्योंकि मैं एक ट्रेन में गाता था”

आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने बॉलीवुड डेब्यू के लिए सही प्रोजेक्ट लेने के...

जाफराबाद में एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया, DMRC ने मेट्रो स्टेशन को किया बंद

केंद्र की ओर से जारी नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) को रद्द करने की मांग करते हुए 500 से अधिक लोगों, ज्यादातर महिलाओं ने शनिवार...

‘हैदराबाद में शाहीन बाग जैसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी’: पुलिस आयुक्त

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने शनिवार को कहा कि शहर में "शाहीन बाग़ जैसा" विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका...

निर्भया मामला: आरोपी विनय नें खुद को चोट पहुंचाने की की कोशिश, इलाज के लिए माँगा समय

2012 में दिल्ली में हुए निर्भया मामले (Nirbhaya Case) में चार आरोपियों में से एक विनय नें आज जेल की दिवार से खुद को...

गुजरात सीएम विजय रूपानी ने डोनाल्ड ट्रम्प-मोदी रोड शो की तैयारी की की समीक्षा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी (Vijay Rupani) ने गुरुवार को अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -