रोहित शर्मा: मैं चाहता था कि लसिथ मलिंगा शार्दुल ठाकुर के खिलाफ धीमी गेंद कराए

लसिथ मलिंगा
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मुंबई इंडियंस की टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि मैंने लसिथ मलिंगा को धीमी गेंद करने की सलाह दी थी क्योंकि वह निचले क्रम के बल्लेबाजो के शॉर्ट्स के बारे में थे। जैसे की मैच में आखिरी गेंद पर चेन्नई की टीम को दो रन चाहिए थे, श्रीलंका के अनुभवी तेज गेंदबाज ने एक स्लो कटर डाला जिसे ठाकुर ने ऑन-साइड की तरफ फिल्क करना चाहते थे। लेकिन बल्लेबाज गेंद के साथ अपने बल्ले का संपर्क नही बना सका  और पगबाधा आउट हो गया जिसके चलते मुंबई की टीम ने 1 रन से फाइनल मैच जीता।

मुंबई की टीम के कप्तान ने मैच के बाद कहा, ” हमारा विचार बल्लेबाज को आउट करने का था। और मैं शार्दुल को सही से जानता हूं। मुझे इस बात का भी पता लग गया खा कि वहा गेंद को कहा मारना चाहते है, तो मैंने और मलिंगा ने साथ मिलकर निर्णय लिया और फिर हम धीमी गेंद के लिए गए, क्योंकि मैं शार्दुल को जानता हूं, मुझे पता था कि वह बड़े शॉट के लिए जाएंगे और यही एक मौका था जहां वो आउट हो सकते थे। फिर, यह किसी भी तरह से जा सकता था।”

रोहित ने उसके बाद मलिंगा को फाइनल ओवर में गेंदबाजी देने के ऊपर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मलिंगा के अनुभव ने क्रंच परिस्थितियों के दौरान चीजों को निष्पादित करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें श्रीलंकाई पेसर के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। मलिंगा ने अपने कप्तान के विश्वास को बनाए रखने में सफल रहे है और आखिरी ओवर में 9 रन का बचाव किया।

पोस्ट मैच समारोह में रोहित शर्मा ने कहा, ” जब निर्णय लेने कि बात आती है, तो यह शानदार है। यह बैकफायर भी हो सकता था। लेकिन खेल के इस मंच पर, मैं अनुभव के साथ जाना चाहता था और चाहता था कि उसको गेंद दू जिसने पहले ऐसी परिस्थिती में गेंदबाजी की हो। और मलिंगा ऐसी परिस्थितियों में कई बार गेंदबाजी कर चुके है। इसलिए हम उनके साथ गए।”

रोहित आईपीएल 2017 के फाइनल की स्थिति की तुलना करने के लिए भी गए, जिसे मुंबई ने एमएस धोनी की अगुवाई वाली राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के खिलाफ एक रन से जीता था। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने अंतिम ओवर में एक रन से जीत के लिए 11 रन का बचाव किया था।

रोहित ने आगे कहा, ” मुझे स्पष्ट रुप से याद है जब हम यहां 2017 में जीते थे, तब मिचेल जॉनसन ने आखिरी ओवर में गेंदबाजी की थी और 10 रनो का बचाव किया था। तो इसलिए, आपको कभी-कभी अपने अनुभवी खिलाड़ियो पर विश्वास करने की जरुरत होती है और यह देखना होता है कि आपके अनुभवी खिलाड़ी क्या करते है और आपको मेज पर क्या लाकर देते है।”

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