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ऑपरेटिंग सिस्टम में रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ; परिभाषा, प्रकार और उदाहरण

resource allocation graph in operating system in hindi

रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ क्या है? (resource allocation graph in operating system in hindi)

बैंकर्स अल्गोरिथम कुछ प्रकार के टेबल का प्रयोग करता है ताकि ऑपरेटिंग सिस्टम के स्टेट को समझ सके, जैसे कि एलोकेशन, रिक्वेस्ट, अवेलेबल इत्यादि।

इसी तरह से अगर आप उस टेबल को प्रयोग करने की जगह सिस्टम के स्टेट को उपयोग में लाना चाहते हैं, तो असल में दिखाने और समझने के लिए टेबल बहुत ही आसान होता है लेकिन तब भी आप उन्ही सूचनाओं को ग्राफ में भी दिखा सकते हैं। इसी ग्राफ को रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ कहते हैं।

इसीलिए रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ हमे प्रोसेस और रिसोर्स के टर्म में समझाता है कि सिस्टम का स्टेट क्या है। जैसे कि अभी कितने रिसोर्सेज उपलब्ध हैं, कितने allocate किये गये हैं और हर एक प्रोसेस का रिक्वेस्ट क्या है।

डायग्राम के टर्म में उन सभी चीजों को दिखाया जा सकता है। डायग्राम के होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ का प्रयोग करते हुए कभी-कभी किसी डेडलॉक (deadlock) को सीधा देखा जा सकता है लेकिन आप टेबल में देख कर हो सकता है कि डेडलॉक को नहीं खोज पायें।

लेकिन अगर सिस्टम में बहुत ज्यादा प्रोसेस और रिसोर्स हैं तो टेबल का प्रयोग करना ही बेहतर है और ग्राफ का प्रयोग तब अच्छे से होता है जब सिस्टम में रिसोर्स और प्रोसेस कम संख्या में हों।

हमे ये पता है कि ग्राफ में vertices और एज होते हैं। इसीलिए RAG में भी ये vertices और एज होते हैं। इसमें vertices दो तरह के होते हैं:

  1. प्रोसेस वर्टेक्स – हर एक प्रोसेस को प्रोसेस वर्टेक्स की तरह दिखाया जाता है।  अधिकतर प्रोसेस को एक वृत्त की तरह दिखाया जाता है।
  2. रिसोर्स वर्टेक्स – – प्रत्येक रिसोर्स को रिसोर्स वर्टेक्स की तरह दिखाया जाता है।  ये भी दो तरह का होता है:
  • सिंगल इंस्टैंस टाइप रिसोर्स– इसे एक बॉक्स के रूप में दिखाया जाता है जहां पर एक डॉट भी होता है। डॉट्स की संख्या ये बताती है कि हर रिसोर्स टाइप के कितने इंस्टैंस उपस्थित हैं।
  • मल्टी-रिसोर्स इंस्टैंस टाइप रिसोर्स– इसे भी बॉक्स की तरह ही दिखाया जाता है और बॉक्स के अंदर बहुत सारे डॉट्स उपस्थित रहते हैं।

अब हम RAG के एज के बारे में बात करते हैं जो कुल दो तरह के होते हैं–

1. असाइन एज – अगर आपने किसी प्रोसेस को पहले से ही रिसोर्स असाइन कर रखा है तो उसे असाइन एज कहा जाता है।
2. रिक्वेस्ट एज – इसका अर्थ हुआ कि भविष्य में प्रोसेस को कुछ रिसोर्सेज की जरूरत पड़ सकती है ताकि वो execution पूरा कर सके, इसे रिक्वेस्ट एज कहते हैं।

इसीलिए अगर कोई प्रोसेस रिसोर्स का प्रयोग कर रहा है तो रिसोर्स नोड से लेकर प्रोसेस नोड तक एक तीर ड्रा किया जाता है।

अगर कोई प्रोसेस किसी रिसोर्स का निवेदन कर रहा है तो प्रोसेस नोड से लेकर रिसोर्स नोड तक एक एरो ड्रा किया जाता है।

रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ का उदाहरण (examples of resource allocation graph in hindi)

सिंगल इंस्टैंस RAG का प्रयोग कर के उदाहरण–

अगर रिसोर्स एलोकेशन ग्राफ में साइकिल है तो साइकिल में हर एक रिसोर्स केवल एक इंस्टैंस की सुविधा देता है और प्रोसेस डेडलॉक में चला जाता है।

उदाहरण के तौर पर अगर प्रोसेस P1 प्रोसेसर रिसोर्स R1 को रखता है और P2 प्रोसेसर रिसोर्स R2 को रखता है और प्रोसेसर P1 इन्तजार कर रहा हो R2 के लिए और प्रोसेसर P2 इन्तजार कर रहा हो R1 के लिए, ये दोनों ही प्रोसेसर डेडलॉक में होंगे।

अगले उदाहरण के तौर पर उपर वाले चित्र को देखिये जहां प्रोसेसर P1 और P2 को रिसोर्सेज R1 और R2 को रखे हुए दिखाया गया है और प्रोसेसर P3 इन दोनों रिसोर्सेज का इंतजार कर रहा है। इन उदाहरण में कोई डेडलॉक नहीं है क्योंकि किसी प्रकार की वृत्तिय निर्भरता यहाँ नहीं है।

इसीलिए सिंगल इंस्टैंस रिसोर्स टाइप में साइकिल डेडलॉक के लिए पर्याप्त कंडीशन है।

इस लेख से सम्बंधित यदि आपका कोई भी सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

About the author

अनुपम कुमार सिंह

बीआईटी मेसरा, रांची से कंप्यूटर साइंस और टेक्लॉनजी में स्नातक। गाँधी कि कर्मभूमि चम्पारण से हूँ। समसामयिकी पर कड़ी नजर और इतिहास से ख़ास लगाव। भारत के राजनितिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक इतिहास में दिलचस्पी ।

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