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2017 में लॉन्च के बाद से रिलायंस जिओफ़ोन के हुए 5 करोड़ उपभोक्ता

जिओ-फोन-बुक

रिलायंस जिओ जोकि बाज़ार में अवसर पहचानने में सबसे तेज रहा है, कुछ ही समय में टेलिकॉम बाज़ार के शीर्ष खिलाड़ियों को बुरा समय दे चूका है और भारत का शीर्ष टेलिकॉम प्रदाता बनने की ओर अग्रसर है। इसके साथ ही इसने स्मार्टफोन बाज़ार में अपनी उपस्थिति दर्ज करने में कोई कसार नहीं छोड़ी।

जिओ लांच करके इसने एक लगभग 10 करोड़ ग्राहकों का एक नेटवर्क बनाया और इसके बाद इसने अपना फीचर फ़ोन लांच किया जिसकी कीमत केवल 1,500 रूपए रखी गयी। इसे अपने जिओ के नेटवर्क की मदद मिली और दो जिओफोन के दो साल होने से पहले ही लगभग 5 करोड़ यूजर हो गए हैं।

काउंटरपॉइंट रिसर्च कंपनी ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में कहा कि रिलायंस जिओ अवसर को पहचानने में सबसे तेज रहा है और अपने KaiOS- संचालित 4 जी स्मार्ट फीचर फोन के साथ 4 जी नेटवर्क में करोड़ों लोगों को शामिल करने में इसका प्रदर्शन सराहनीय है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च का बयान :

काउंटरपॉइंट द्वारा रिसर्च में कहा गया है की “कंपनी का जिओफोन , दुनिया का अग्रणी VoLTE- समर्थित KaiOS- आधारित स्मार्ट फीचर फोन है। यह केवल $ 20 की कीमत पर लॉन्च किया गया था और यह वैश्विक स्तर पर एक स्मार्ट फीचर फोन मूल्य ऑफर की एक बेहतरीन मिसाल है। जब 2017 में जिओफोन लांच किया गया था तब जिओ के लगभग 100 मिलियन यूजर जिसके लगभग 50 प्रतिशत यूजर सीधे सीधे जिओफोन के भी यूजर बन गए।

इसके साथ ही इस रिसर्च संस्था ने अपने अनुमान भी पेश किये जिसमे कहा गया है की अगले एक 3 सालों में जिओफोन के लगभग 4 करोड़ यूजर और जुड़ेंगे।

जिओफोन की सफलता का क्या है कारण :

काउंटरपॉइंट रिसर्च संस्था द्वारा जिओ की दिन प्रतिदिन बढती सफलता का मुख्य कारण इसके अवसरों को पहचानने की दक्षता को बताया गया। जिओ ने भारत के ग्रामीण इलाकों को लक्ष्य किया और बहुत कम मूल्य का एक फोन उपलब्ध कराया जिसमे नवीनतम सुविधाएं थी। इससे यह इतनी बड़ी सफलता हासिल कर पाया।

काउंटरपॉइंट के सहयोगी निदेशक तरुण पाठक ने कहा, “2018 में वैश्विक स्मार्ट फीचर फोन की मांग में साल-दर-साल 252% की वृद्धि हुई है, जो कम आधार से है, कुल फीचर फोन की मात्रा का लगभग 16% योगदान देता है। इस मांग में भारत का सबसे बड़ा योगदान है, लेकिन जिन प्रमुख बाजारों में स्मार्ट फीचर फोन की बिक्री होती है, उनमें अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण पूर्व एशिया और अफ्रीका शामिल हैं। हम 2021 तक स्मार्ट फीचर फोन को वैश्विक फीचर फोन संस्करणों के आधे से अधिक को पार करने का अनुमान लगाते हैं।

About the author

विकास सिंह

विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

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