राहुल द्रविड़: क्रिकेट के सभी प्रारूपो में कैसे सफल हों, उसके लिए विराट कोहली एक उदाहरण है

विराट कोहली, राहुल द्रविड़

विराट कोहली के पास यह साल याद करने के लिए कई यादगार पल है जिसमें सबसे यादगार पल यह है कि उन्होने इस साल 2018 में वनडे और टेस्ट क्रिकेट दोनो में 1000 रन बनाए है। वह ऑस्ट्रेलिया में अभी चार टेस्ट मैच की सीरीज खेल रहे है जहा भारतीय टीम की तरफ से उन्होने अभी भी तक सबसे ज्यादा रन बनाए है। सभी प्रारूपो में कोहली के लगातार रन बनाने के अंदाज से पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ बहुत प्रभावित है, जिन्होंने उन्हें दूसरों के लिए एक उदाहरण के रूप में तैयार किया है ताकि वे सभी प्रारूपों में रन बनाने की कला सीख सकें। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो मैच में 1000 रन बनाने का आकड़ा भी पार किया है।

एएनआई के साथ बातचीत में, द्रविड़ ने सभी प्रारूपों में कोहली की निरंतरता पर अपने विचारों को खोला। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचो में एक शतक भी लगाया है। उन्होने दो टेस्ट मैचो की चार इनिंग में 44 की औसत से 177 रन बनाए है और दोनो टीमो के बल्लेबाजो में से एक अलग रुप में नजर आए हैं।

“यदि आप टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं, तो खेल के अन्य रूप भी हैं। मुझे टी 20 और एकदिवसीय क्रिकेट पसंद हैं। वे खेल के बहुत कुशल रूप हैं। विराट कोहली जैसे लोग महान उदाहरण हैं जिन्होंने दिखाया है कि आप कर सकते हैं। द्रविड़ ने कहा, “खेल के सभी रूप में सफल होना आसान नहीं है। बहुत से लोगों ने नहीं किया है, लेकिन आपका लक्ष्य यही होना चाहिए।”

द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा टेस्ट क्रिकेट खेलकर ही खिलाड़ी को असली संतुष्टी प्राप्त होती है। ” मैं हमेशा अंडर-19 के खिलाड़ियो को बताता हूं तुम्हें टेस्ट क्रिकेट खेलकर ही सबसे बड़ी संतुष्टी मिलेगी। टेस्ट क्रिकेट खेल का सबसे कठिन प्रारूप है। पांच दिन के इस खेल में आपको शारीरिक, मानसिक, तकनीकी , भावनात्मक रूप से टेस्ट किया जाता है इसलिए यह चुनौती है।”

भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अभी तक अपने सालामी बल्लेबाजो को लेकर चिंता रही है। जिसमें मुरली विजय और केएल राहुल फार्म में नजर नही आए है। मेलबर्न टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम अपने सालामी बल्लेबाजो में बदलाव कर सकती है।

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