दीवाली बाद हो सकती है राहुल गाँधी की ताजपोशी, तैयारियों में जुटी कांग्रेस

राहुल गाँधी
भाजपा के गढ़ मध्य गुजरात पहुँचे कांग्रेस के युवराज

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी पिछले कुछ वक्त से राजनीतिक रूप से बड़े सक्रिय नजर आ रहे हैं। वह लगातार विदेश दौरों पर जा रहे हैं और हाल में ही देश के कई राज्यों का दौरा कर चुके हैं। खबर आ रही है कोई राहुल गाँधी जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल सकते हैं। पार्टी इसकी तैयारियों में जुटी हुई है। अगर सूत्रों पर यकीन करें तो राहुल गाँधी 31 अक्टूबर से पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाल लेंगे। राहुल गाँधी के बेहद करीबी माने जाने वाले राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस बाबत संकेत भी दिए थे और कहा था कि दीवाली के बाद राहुल गाँधी कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाने का यही सही समय है।

पिछले कुछ वक्त से कांग्रेस में भी यह मांग उठ रही है कि 2019 का लोकसभा चुनाव राहुल गाँधी के नेतृत्व में लड़ा जाए। ऐसे में राहुल गाँधी के हाथ में कांग्रेस की कमान सौंपने की कवायद तेज होती नजर आ रही है। खबर है कि मुल्लापल्ली रामचंद्रन के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव कमेटी योजना को मूर्त रूप देने में लगी है। इसके तहत स्टेट रिटर्निंग ऑफिसर 10 अक्टूबर से पूर्व डेलीगेट्स की सूची जारी कर देंगे। तत्पश्चात राज्य डेलीगेट्स द्वारा प्रस्ताव को पास कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का अधिकार दिए जाने की सम्भावना है। जल्द ही कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तारीख की घोषणा कर सकती है। उम्मीद है कि कांग्रेस इसकी घोषणा 15-20 अक्टूबर के बीच करेगी।

राहुल की छवि चमकाने में जुटी कांग्रेस

पिछले कुछ वक्त से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी लगातार विदेश दौरों पर जा रहे हैं। दरअसल यह उनकी छवि को चमकाने की रणनीति के तहत किया जा रहा है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी को विदेशों में रह रहे अप्रवासी भारतीयों का व्यापक समर्थन मिला था और इसने भाजपा की ऐतिहासिक चुनावी जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी। कांग्रेस अब राहुल गाँधी को नरेंद्र मोदी के मुकाबले खड़ा करने के लिए यही रणनीति अपना रही है। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि 2019 का लोकसभा चुनाव राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर लड़ा जाए। इसी को ध्यान में रखकर कांग्रेस राहुल गाँधी के विदेश दौरों की योजनाएं बना रही है।

राहुल गाँधी हाल ही में गुजरात दौरे से लौटे हैं जहाँ उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआत की थी। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान राहुल गाँधी ने सौराष्ट्र क्षेत्र का भ्रमण किया था और भाजपा से नाराज चल रहे पाटीदार समाज के अगुआ हार्दिक पटेल का समर्थन हासिल किया था। इससे पूर्व राहुल गाँधी ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र का दौरा किया था और किसानों से मिले थे। उन्होंने किसानों की सभा को सम्बोधित भी किया था और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी सीधा संवाद स्थापित किया था। फिलहाल कांग्रेस उपाध्यक्ष तीन दिवसीय दौरे पर अपने लोकसभा क्षेत्र अमेठी में हैं। वह इस दौरान किसानों से मिलेंगे और ग्रामीणों संग चौपाल लगाएंगे। वह पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे। राहुल गाँधी जमीनी मुद्दों को आधार बनाकर किसान वर्ग को मनाने में जुटे हैं और आगामी चुनावों में उनकी यह रणनीति काफी कारगर हो सकती है।