गुरूवार, फ़रवरी 27, 2020

राहुल गाँधी की इनकम स्कीम को चुनौती देने के लिए पीएम मोदी बजट में ला सकते हैं UBI स्कीम

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विकास सिंह
विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

जैसे जैसे राहुल गाँधी वोटर का समर्थन पाने के लिए नए वादे किये जा रहे हैं, बीजेपी पर जल्द पेश क इए जाने वाले बजट में कोई विशेष स्कीम की घोषणा करने का दबाव बन रहा है।

राहुल गाँधी की इनकम स्कीम :

राहुल गाँधी ने हाल ही में जनता से वादा किया है की यदि उनकी सरकार चुनाव जीतती है तो सत्ता में आते ही वे इनकम स्कीम लागू करेंगे। बतादें की इस स्कीम के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे वाले और बेरोजगार लोगों को हर महीने एक निश्चित मात्र में धनराशी दी जायेगी।

बीजेपी पर बढ़ा दबाव :

राहुल गाँधी के इनकम स्कीम का वादा किये जाने के बाद बीजेपी पर गरीब लोगों के लिए स्कीम की घोश्ने का दबाव बढ़ गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो कांग्रेस के जीतने के पूरे चांस होंगे। हालांकि अभी यह पता नहीं है की बीजेपी कितने गरीब लोगों के लिए यह स्कीम लांच करेगी लेकिन इसकी संभावना बहुत अधिक है की बीजेपी ऐसी इनकम स्कीम ज़रूर लांच करेगी।

मोदी सरकार के लिए UBI लांच करना होगा कठिन :

मोदी सरकार के लिए यूनिवर्सल बड़क इनकम स्कीम लांच करना कई कारकों के कारण मुश्किल साबित हो सकता है। इनमे से कुछ कारक खाद्य सब्सिडी जिसके लिए सरकार को हर वर्ष 170000 करोड़ रुपयों की ज़रुरत होती है और इसके अलावा मनरेगा जिसमे हर साल कुल अतिरिक्त 55000 करोड़ रूपए लगते हैं।

यदि ये सभी सब्सिडी एवं योजनाएं लागू रहती हैं तो इनके साथ साथ UBI लागू करना और चलाना  मोदी सरकार के लिए बहुत मुश्किल होगा क्योंकि पहले से ही वित्तीय घाटा हो रहा है और अब नयी स्कीम के लिए सरकार के पास पर्याप्त वित्त नहीं है।

यदि सरकार इस स्कीम को दूसरी सभी स्कीम के साथ लांच करती है तो इसे लगभग 7000 करोड़ रुपयों का अत्तिरिक्त वित्त चाहियेगा। इसके साथ कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है की यदि ऐसी स्कीम लांच की जाती है तो यह समाज पर बुरा असर दाल सकती है। इससे लोग अपना काम छोड़कर घर बैठ सकते हैं जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पद सकता है।

यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम के बारे में जानकारी :

यूनिवर्सल बेसिक स्कीम के तहत देश के हर नागरिक के बैंक खाते में सीधे एक फिक्स्ड अमाउंट ट्रांसफर किया जाएगा।

  • इस योजना के तहत लोगों की सामाजिक और आर्थिक अवस्था मायने नहीं रखती है।
  • यूबीआई की सबसे खास बात है कि यह सबके लिए होगा. यह किसी खास वर्ग को टारगेट करके नहीं लागू किया जाएगा।
  • यह बिना शर्तों का होगा यानी किसी व्यक्ति को अपनी रोजगार की स्थिति या सामाजिक-आर्थिक स्थिति को साबित करने की जरूरत नहीं होगी।
  • यूबीआई के तहत सिर्फ जीरो इनकम वाले लोगों को ही इस सुविधा का पूरा लाभ मिलेगा।
  • ऐसे लोग जिनकी बेसिक इनकम के अलावा भी आमदनी का जरिया होगी, उनके इनकम पर टैक्स लगाकर सरकार फायदे को कंट्रोल करेगी
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