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    योगी आदित्यनाथ राम मंदिर

    सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि केस की सुनवाई जनवरी 2019 तक टल जाने पर योगी आदित्यनाथ ने संतो से संयम बनाये रखने की अपील की और कहा कि ‘न्याय अगर वक़्त पर मिले तो ही अच्छा होता है। देर से मिला न्याय भी अन्याय के सामान होता है।’

    भाजपा और संघ परिवार के नेताओं के सुर में सुर मिलाते हुए योगी ने कहा कि हर शांतिप्रिय देशवासी अपनी अंतिम सांस तक भी इस मुद्दे का समाधान होते देखना चाहता है। ऐसे लोगों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।’

    योगी ने संतों से धैर्य बनाये रखने का आग्रह करते हुए कहा कि ‘संतो को पूरे धैर्य के साथ श्रीराम जन्मभूमि के समाधान की दिशा में होने वाले उन सभी सार्थक प्रयासों में सहभागी बनना चाहिए, जिससे देश में शांति और सौहार्द की स्थापना हो’

    योगी अपने सरकारी निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। योगी ने कहा कि वो चाहते हैं 2019 चुनाव से पहले इस केस पर फैसला आ जाए। रामभक्तों ने बहुत इंतज़ार किया है।

    अयोध्या के संतों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराने वाला है।

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    विश्व हिन्दू परिषद् के प्रवक्ता शारदा शर्मा ने कहा ‘हाँ संतों में गुस्सा है और उनके सब्र का बाँध टूटता जा रहा है। हम जल्द ही भाजपा नेताओं से मिलकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराएंगे।’

    योगी आदित्यनाथ जो मुख्यमंत्री होने के साथ साथ गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं, ने मंदिर निर्माण हेतु अध्यादेश लाने के लिए भाजपा पर दवाब डालने वाले संतो से धैर्य बनाये रखने की अपील की।

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि केस की सुनवाई टलने के बाद केंद्र सरकार पर संघ, साधु संतों और अन्य हिंदूवादी संगठनों की तरफ से मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने का दवाब बढ़ता ही जा रहा है।

    By आदर्श कुमार

    आदर्श कुमार ने इंजीनियरिंग की पढाई की है। राजनीति में रूचि होने के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कई वेबसाइट पर स्वतंत्र लेखक के रूप में काम किया है। द इन्डियन वायर पर वो राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते हैं।

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