Wed. Mar 29th, 2023
    ashok gehlot

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने राज्य के किसानों को राहत दिलाने हेतु प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद राज्य के कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत किये जाने का आग्रह किया है।

    इस बारे में मुख्यमंत्री ने बताया, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद राज्य के कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत किये जाने का आग्रह किया है। साथ ही वर्तमान में स्वीकृत लक्ष्य 25 प्रतिशत के अनुरूप, चने की पूरी खरीद किये जाने का भी अनुरोध किया है।”

    उन्होनें आगे कहा, “कोविड-19 महामारी की इस संकट की घड़ी में राज्य विषम आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ऎसे में किसानों को समर्थन मूल्य खरीद योजना का पूरा लाभ दिलाकर आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दलहन एवं तिलहन खरीद के लक्ष्य 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना किसानों के हित में होगा।

    पत्र में कहा है कि रबी सीजन 2020-21 में प्रथम अनुमान 26.85 लाख मैट्रिक टन उत्पादन के आधार पर चना खरीद के लिए राज्य सरकार ने 6.71 लाख मैट्रिक टन के प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये थे, लेकिन भारत सरकार द्वारा 6 लाख 15 हजार 750 मैट्रिक टन के प्रस्ताव ही स्वीकृत किये गए हैं, जो भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुल उत्पादन की 25 प्रतिशत खरीद के लक्ष्य से 2.07 प्रतिशत कम हैं।”

    अपने बयान में उन्होनें आगे कहा, “चने के समर्थन मूल्य एवं बाजार भाव में लगभग एक हजार से 1200 रूपये प्रति क्विंटल का अन्तर चल रहा है। साथ ही कोविड-19 संक्रमण से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों के कारण समर्थन मूल्य पर चना विक्रय करने में किसानों का अधिक रूझान रहा है, लेकिन निर्धारित 25 प्रतिशत के लक्ष्य से कम खरीद होने के कारण किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। इससे उनमें रोष व्याप्त हो रहा है। आग्रह किया है कि किसानों के हित में वर्तमान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा पूरी खरीद की जाए। साथ ही दलहन एवं तिलहन खरीद के लक्ष्य को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए।”

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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