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    राजपाल यादव ने जेल के कैदियों को खुश रखने के लिए रखी 'राजपाल की पाठशाला', जानिए डिटेल्स

    बॉलीवुड कॉमेडियन राजपाल यादव अपनी तीन महीने की जेल की सजा पूरी करके फरवरी के अंत में ही बाहर आये थे। जेल ने उनके अपने साथी के लिए कॉमिक एक्ट करने जैसे किस्से भी सुनने को मिले थे। हाल ही में ज़ूम से बात करते हुए उन्होंने बताया कि बाकि साथियो के साथ बातचीत करके और उनकी परेशानियां सुनना बेहतर जरूरी था।

    उनके मुताबिक, “मुझे लोगो से बातचीत करना बहुत पसंद है। जब मैं अपने गाँव जाता हूँ या जब भी फिल्म सेट पर होता हूँ, मैं आस-पास के लोगो और जगह का अवलोकन करता हूँ और समझता हूँ। कही भी, जो अच्छी चीज़े है उनको थोड़ा अब्सोर्ब करू, गलत चीजों को रिफ्लेक्ट करू और अच्छी चीजों में अपना योगदान करके थोड़ा और अच्छा करू।”

    rajpal yadav

    उन्होंने आगे कहा-“अगर लोग वहां सोचते कि ये उनकी ज़िन्दगी का अंत है, मैंने सोचा कि उन्हें फिर जीवित महसूस करवाने के लिए मुझे अपनी रचनात्मक कला का इस्तेमाल करना चाहिए। मैं समझ गया कि अगर मुझे यहाँ रहना है तो मुझे ऐसी रचनात्मक चीजों में घुसना पड़ेगा जो मुझे और दोनों को समान रूप से फायदा पहुँच जा सकें।”

    यादव ने ये भी कहा कि वह किसी की मुसीबत तो कम नहीं कर सकतें लेकिन ध्यान रखते हैं कि वह सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर खुश रहे।

    उन्होंने बताया कि वह ‘राजपाल की पाठशाला’ का आयोजन करते थे। उनके मुताबिक, “मेरे अन्दर हमेशा से ही मोबाइल थिएटर का कांसेप्ट था जिससे अभिनय की शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकें। मैं जब वहां था तो मैं बातचीत करता और अगर लोग दिलचस्पी दिखाते, हम चर्चा करते थे। मैं इसे अलग अलग शहरो में ले जाने की योजना बना रहा हूँ।”

    rajpal yadav with daughter

    उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति जेल से बाहर आता है तो उसे कस्टडी सर्टिफिकेट और एक करैक्टर सर्टिफिकेट मिलता है। लेकिन उन्हें अपने अनुशासन के कारण एक गुड सर्टिफिकेट मिला।

    5 करोड़ रूपये का लोन ना चुका पाने के कारण दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें सजा के बाद कोई सबक मिला तो उन्होंने बताया-“मेरे शहर के लोगो पर मुझे अँधा विश्वास था। बाकी सातो समुन्दर घूम रहा हूँ, सबका प्यार ही मिला है। जो मुसीबत मिली, वो अपने शहर के लोगो से ही मिली है। लोगो ने मेरे भरोसे का फायदा उठाया।”

    rajpal comedian

    “आँख बंद करके विश्वास किया, उसका सिला मिला कि जीवन भर के लिए आँखें खुल गयी है।”

    फिल्मो की बात की जाये तो, वह जल्द पंजाबी फिल्म ‘चंडीगढ़-अमृतसर-चंडीगढ़’ में सरगुन मेहता और गिप्पी ग्रेवाल के साथ नज़र आयेंगे। फिल्म 24 मई को रिलीज़ हो रही है।

    By साक्षी बंसल

    पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

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