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    गोरखपुर, 16 मई (आईएएनएस)| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी गोरखपुर से भोजपुरी सिनेमा के कलाकार रविकिशन को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने किसी भी दल से किसी तरह की चुनौती से इंकार किया है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र योगी और भाजपा का गढ़ है, और यहां से किसी को भी अधिकार नहीं कि वह अपना दावा प्रस्तुत करे।

    रविकिशन ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में 2018 के उपचुनाव में गोरखपुर में हुई भाजपा की हार के सवाल पर कहा, “उस समय का आज लोग पश्चाताप कर रहे हैं। कार्यकर्ता अति आत्मविश्वास में थे। उस समय सोच रहे थे कि हमारी सरकार है। चुनाव तो जीत ही जाएंगे। यही भारी पड़ा। लोगों ने उपचुनाव को हलके में लिया था। अब लोगों ने मोदी को एक बार फिर से लाने की ठान ली है। यहां गठबन्धन अब परास्त हो गया है। जातीय गणित, विकास के आगे ध्वस्त है। सबको बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। लोग सजग हैं। कह रहे हैं कि मोदी को जिताना है। यह प्रधानी का चुनाव नहीं है। लोग दबा कर मोदी को चुनाव जीताएंगे।”

    प्रियंका और कांग्रेस की चुनौती पर उन्होंने कहा, “सबको पता है मोदी गरीबों की लड़ाई लड़ रहे हैं। 23 के परिणाम के बाद सबको पता चल जाएगा कि कौन कितने पानी में है। मोदी जी एक बार फिर प्रचंड बहुमत से आएंगे।”

    उल्लेखनीय है कि रविकिशन 2014 के आम चुनाव में जौनपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने मुझे सम्मान नहीं दिया। प्रियंका के कहने पर 2014 में कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। उस समय भी देश में मोदी लहर थी। सफलता नहीं मिली। उस दौरान कांग्रेस के स्थानीय लोगों का साथ नहीं मिला। हारने के बाद किसी ने हमें फोन करके हाल भी नहीं पूछा। कांग्रेस से मोहभंग होना लाजिमी था।”

    गोरखपुर के लिए बाहरी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि “हम मामखोर के शुक्ल हैं। यहां से भावनात्मक लगाव है। बाहरी नहीं हूं।”

    उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन की संभावना के बारे में रविकिशन ने कहा, “कांग्रेस और गठबन्धन का तो पता नहीं, लेकिन उत्तर प्रदेश में भाजपा 74 प्लस सीटें जीतने जा रही है। जाति धर्म के आधार पर चुनाव लड़ने वाले चुनाव बाद अपने कार्यालय का पता खोजेंगे।”

    रविकिशन ने रील लाइफ और रीयल लाइफ में भी अन्तर बताया। उन्होंने कहा, “रीयल लाइफ में इमोशन है। काम करने वाला टिकता है। लूटने वालों के अब दिन लद गए। जो लुट गया है, उसे वापस लाना है। सपा-बसपा ने लूट कर अपनी इमारतें बनाई हैं। भाजपा के आने पर यहां विकास शुरू हुआ है।”

    रविकिशन अपने प्रचार के दौरान भोजपुरी भाषा का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बारे में उन्होंने कहा, “यह हमारी मातृभाषा है, पहचान है। जब पंजाबी आदमी पंजाबी बोलता है, गुजराती, गुजराती बोलता है तो भोजपुरिया भोजपुरी नहीं बोलेंगे तो क्या फ्रेंच बोलेंगे?”

    सांसद बनने के बाद अभिनेता रविकिशन की क्या प्राथमिकताएं होंगी? उन्होंने कहा, “नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की तर्ज पर गोरखपुर में रंगमंच का एक हब बनाया जाएगा। यूपी, बिहार, झारखंड जैसे राज्य इसमें समाहित किए जाएंगे। पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौजवानों को रोजगार देंगे। मुंबई में भोजपुरी फिल्म उद्योग अच्छी कंडीशन में है। यहां हजारों को रोजगार मिला है। यह सिलसिला पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा। युवाओं को आगे की राह दिखाई जाएगी। कला के माध्यम से रोजगार का रास्ता आसान हो जाएगा।”

    उन्होंने कहा, “गोरखपुर में रामोजी राव जैसा स्टूडियो बनाने की मेरी प्रबल इच्छा है। दक्षिण भारत से लेकर अन्य प्रान्तों के कलाकार पूर्वाचल में शूटिंग कर रहे हैं। 50 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग अभी चल रही है। जिसे जगह नहीं मिल रही वह रोड पर ही कर रहा है। एक आधुनिक स्टूडियो बनने से पूवार्ंचल भी नवोदित कलाकारों का आश्रयगृह बनेगा।”

    भोजपुरी सिनेमा को बॉलीबुड के समांतर खड़ा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बजट के अभाव में हम पीछे हैं।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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