Wed. Oct 5th, 2022

    उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान आज हो रहा है। इस दौर में 20 जिलों की 2.14 लाख से अधिक सीटों पर 3.52 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला होगा। राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान राज्य के 20 जिलों में 49,789 मतदान बूथों पर तीन करोड़ पांच लाख 71 हजार 613 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

    तीसरे चरण में अमेठी, उन्नाव, औरैया, कानपुर, देहात, कासगंज, चंदौली, जालौन, देवरिया, पीलीभीत, फतेहपुर, फिरोजाबाद, बलरामपुर, बलिया, बाराबंकी, मेरठ, मुरादाबाद, मिर्जापुर, शामली, सिद्धार्थनगर तथा हमीरपुर जैसे शहर शामिल है। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज कुमार ने सभी संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बेहतर व्यवस्था कराई जाए कि किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की स्थिति न आने पाए।

    उत्तर प्रदेश में चार चरणों में पंचायत चुनाव होने हैं जिसमें दो लाख सात हजार से ज्यादा मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है। आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य की 746 सीटों के लिए 10,416 उम्मीदवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य की 18,530 सीटों के लिए 88584 उम्मीदवार, ग्राम प्रधान की 14,379 सीटों के लिए 1,16,162 उम्मीदवार तथा ग्राम पंचायत वार्ड की 1,80,473 सीटों के लिए 57,649 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

    25 मई तक पूरे होने है पंचायत चुनाव 

    आयोग के अनुसार 15 अप्रैल को पहले चरण में 71 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि 19 अप्रैल को चरण के मतदान में भी 71 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े थे। दरअसल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 25 मई तक पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

    कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन

    कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने मार्च में निर्देश दिए थे कि पंचायत चुनाव के दौरान अधिकतम पांच लोग ही घर-घर जाकर प्रचार कर सकते हैं। राज्य के उप चुनाव आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने बताया अपर जिला अधिकारियों की अगुवाई में तीन सदस्य समितियां गठित की गई है,जो आयोग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगी। मतदान के दौरान भी कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं के खड़े होने के लिए छह-छह फीट की दूरी पर घेरे बनाए गए हैं।

     

    By दीक्षा शर्मा

    गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से LLB छात्र

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