जानिए मुकेश अंबानी की जिओ नें किस प्रकार टेलिकॉम जगत को बदल दिया?

Must Read

कार्तिक आर्यन ने आगामी फिल्म ‘दोस्ताना 2’ के बारे में दी रोचक जानकारी

अभिनेता कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) आज बॉलीवुड में सबसे अधिक मांग वाले अभिनेताओं में आसानी से शामिल हैं। टाइम्स...

भारत में कोरोनावायरस के मामले 1.5 लाख के करीब, पढ़ें पूरी जानकारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कहा है कि 6,535 नए संक्रमणों के बाद भारत में कोरोनोवायरस बीमारी (COVID-19) के...

कबीर सिंह के लिए पुरुष्कार ना मिलने पर शाहिद कपूर ने दिया यह जवाब

कल मंगलवार शाम को शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) ने ट्विटर पर अपने प्रशंसकों से बात करने की योजना बनायी...

देश के सबसे दौलतमंद शख्स मुकेश अंबानी ने 2016 में मोबाइल नेटवर्क कंपनी की नींव रखी, जिसका नाम रखा गया ‘जिओ’, जो बाद में भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की ऐसी कंपनी बनकर उभरी जिसने बाकी सभी प्रतिद्वंदी कंपनियों का रुख घाटे की ओर मोड़ दिया।

जियो के चलते एक ओर जहाँ अन्य सभी कंपनियों के राजस्व पर बेहद बुरा असर पड़ा वहीं दूसरी ओर कुछ कंपनियों को बाज़ार में टिके रहने के लिए एक दूसरे में विलय भी करना पड़ा।

2016 में शुरू हुई रिलायंस की ‘जियो’ ने बहुत ही तेज़ी के साथ आगे बढ़ते हुए बहुत कम समय में भारतीय बाज़ार में करीब 20 करोड़ ग्राहकों का बेस तैयार कर लिया। इसी के साथ देश की दो बड़ी कंपनियों आइडिया और वोडाफोन को बाज़ार में टिके रहने के लिए आपस में विलय करना पड़ा। वहीं इसी विलय के बाद सक्रिय उपभोक्ताओं के मामले में नंबर एक पर विराजमान एयरटेल को अपनी कुर्सी छोड़ नंबर दो पर आना पड़ा।

जियो ने अपने शुरुआती दो तिमाहियों से ही लाभ कमाना शुरू कर दिया था, जबकि तब जियो ने सिर्फ अपनी प्राइम मेंबरशिप की पेशकश की थी। इसके बाद से जियो ने अपने रीचार्ज प्लान बाज़ार में पेश कर दिए, जिसके चलते देश भर में सस्ते डाटा की क्रांति सी छा गयी। जियो के रीचार्ज के सामने कोई भी ऑपरेटर टिक नहीं पाया, आखिरी में सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों अपने पुराने प्लानों को बाज़ार से हाटकर नए व सस्ते प्लान बाज़ार में उतारने पड़े।

एक ओर जियो ने अपने सस्ते प्लानों के साथ अभी तक कोई बदलाव नहीं किया है, जिस वजह से एयरटेल जैसी दिग्गज कंपनी को लगातार तीसरी तिमाही में भी करीब 8.1 अरब रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

सेल्यूलर ऑपरेटर असोशिएशन ऑफ इंडिया (SOAI) ने मीडिया को जानकारी स्पष्ट करते हुए बताया है कि अभी इस इंडस्ट्री से और भी अधिक घाटे की खबरें बाहर आती रहेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर देश में टेलीकॉम सेक्टर को जिंदा रखना है तो अब सरकार को टैरिफ के रेट बढ़ाने होंगे।

जियो और अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरों की लड़ाई में अगर किसी का सबसे अधिक फायदा हुआ है तो वो है ग्राहक। भारत में जियो के आने के बाद एक ओर डाटा की कीमतें सीधा 20 गुना से भी ज्यादा नीचे आ गयी वहीं दूसरी ओर डाटा की खपत करीब 30 से 40 गुना बढ़ गयी।

डेटा कीमत गिरावट
इस चित्र में आप देख सकते हैं किस प्रकार एक जीबी डेटा की कीमत में गिरावट देखने को मिली है.

एक रिपोर्ट के ही अनुसार भारत में पिछले वर्ष 1.5 अरब जीबी मोबाइल डाटा की खपत हुई है। भारत मोबाइल डाटा की खपत के मामले में अमेरिका और चीन संयुक्त आंकड़ों से भी आगे है।

जियो के भारत के बाज़ार में प्रवेश करने से पहले भारत में 10 से भी ज्यादा सर्विस प्रदाता थे, जिनमे से बाज़ार में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारती एयरटेल पहले नंबर पर था।

टेलिकॉम कंपनियां
जिओ के आने से पहले टेलिकॉम जगत में कंपनियां

वहीं अब देश में जियो के सामने बस दो ही बड़े ऑपरेटर बचे हैं। सरकारी उपक्रम बीएसएनएल को छोड़ दें तो वोडाफोन-आइडिया विलय के साथ भारती एयरटेल ही बाज़ार में 4जी नेटवर्क क्षेत्र में जियो को टक्कर दे रहा है।

जिओ के आने के बाद टेलिकॉम जगत का हाल
जिओ के आने के बाद टेलिकॉम जगत का हाल

इससे पहले एयरसेल, यूनिनार समेत कई छोटी कंपनियां बाज़ार में अपनी पैठ बनाये हुए थीं।

हाल ही में भारत सरकार ने टेलीकॉम संबंधी उपकरणों पर भी आयात शुल्क बढ़ा दिया है, ऐसे में अब सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।

हालाँकि जियो इस बार भी फायदे में ही रहा है, सिर्फ जियो ही अपने उपकरण सैमसंग से खरीदता है, जो एक दक्षिण कोरियाई कंपनी है। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हुए एक अनुबंध के अनुसार इन दोनों देशों के बीच कई समान पर आयात कर नहीं लगता है। टेलीकॉम संबन्धित उपकरण उसी दायरे में आते हैं।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

कार्तिक आर्यन ने आगामी फिल्म ‘दोस्ताना 2’ के बारे में दी रोचक जानकारी

अभिनेता कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) आज बॉलीवुड में सबसे अधिक मांग वाले अभिनेताओं में आसानी से शामिल हैं। टाइम्स...

भारत में कोरोनावायरस के मामले 1.5 लाख के करीब, पढ़ें पूरी जानकारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कहा है कि 6,535 नए संक्रमणों के बाद भारत में कोरोनोवायरस बीमारी (COVID-19) के कुल मामले 145,380 तक पहुँच...

कबीर सिंह के लिए पुरुष्कार ना मिलने पर शाहिद कपूर ने दिया यह जवाब

कल मंगलवार शाम को शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) ने ट्विटर पर अपने प्रशंसकों से बात करने की योजना बनायी और लोगों से सवाल पूछने...

सिक्किम के बाद लद्दाख में भारत और चीन की सेना में टकराव

सिक्किम में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की खबरों के बाद उत्तरी सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव की...

औरंगाबाद में रेल के नीचे आने से 16 मजदूरों की मौत, 45 किमी की दूरी तय करने के बाद हुई घटना

महाराष्ट्र (Maharashtra) के औरंगाबाद (Aurangabad) शहर में शुक्रवार सुबह कम से कम 16 प्रवासी श्रमिक ट्रेन के नीचे कुचले गए, जब वे मध्य प्रदेश...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -