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मीरा देवस्थले आका चकोर ने टीवी सीरियल “उड़ान” को किया इस हार्दिक पोस्ट से अलविदा

मीरा देवस्थले आका चकोर ने टीवी सीरियल "उड़ान" को किया इस हार्दिक पोस्ट से अलविदा

टीवी सीरियल “उड़ान” से ऊंचाई की बुलंदियों पर पहुँचने वाली अभिनेत्री मीरा देवस्थले ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह शो छोड़ रही हैं। वह शो में चकोर नाम का मुख्य किरदार निभाती थी और उनके किरदार को दर्शकों द्वारा बेहद पसंद किया जाता है। सीरियल में कई सालों का लीप आ गया था और इसलिए मीरा ने शो छोड़ दिया।

बॉम्बे टाइम्स को उन्होंने बताया था-“मैं सिर्फ 22 साल की हूँ। मैं 18 साल की उम्र की लड़की की मां की भूमिका कैसे निभा सकती हूँ? मैं इस बात से सहमत हूँ कि कई अभिनेत्रियां कम उम्र में इस तरह की भूमिकाएं कर सकती हैं, और हो सकता है, मैं भी। लेकिन मुझे लगता है कि मैं इस समय एक माँ की भूमिका निभाने के लिए पर्याप्त परिपक्व नहीं दिखती हूँ।”

उन्होंने यह भी कहा-“हमारे शो में कई लीप आये हैं और मुझे लगता है कि लंबे समय तक चलने वाले किसी भी शो के लिए वे अपरिहार्य हैं। दरअसल, सभी लंबे समय से चलने वाले शो लीप्स के कारण सफल होते हैं। मुझे यकीन है कि निर्माताओं ने सही निर्णय लिया है क्योंकि वे अधिक अनुभवी हैं। एक अभिनेता के रूप में, मुझे इस बात पर टिप्पणी करने का विकल्प नहीं है कि क्या एक माँ की भूमिका शो के लिए काम करेगी या नहीं। मैं केवल इसे छोड़ सकती हूँ और आगे बढ़ सकती हूँ।”

मीरा ने इंस्टाग्राम पर लिखा-” एक अद्भुत शो जिस पर अद्भुत लोग काम कर रहे हैं। मेरे जीवन का एक सुंदर अध्याय जिसने मुझे ऐसा होने के लिए ढाला। मैं जितना मांग सकती थी, उससे अधिक दिया है। मुझे प्यार और आशीर्वाद दिया है। इसे सच करने के लिए शुक्रिया। मैं हर दिन और लम्हे को संजोकर रखूंगी। जब तक हम फिर से नहीं मिलते …।”

स्क्रीन पर माँ की भूमिका निभाने पर उन्होंने प्रकाशन को बताया था-“मैं पहले से ही आठ साल की बच्ची की माँ थी। इसके अलावा, कमल नारायण द्वारा बंधुआ मजदूरों की दुर्दशा और उनके शोषण के इर्द-गिर्द घूमने वाला शुरुआती ट्रैक खत्म हो गया है। शो इसी के बारे में था। फिर भी, मुझे चकोर के रूप में कई शेड्स निभाने को मिले। एक युवा लड़की से माँ बनने तक, मैंने चकोर के रूप में अपनी यात्रा का आनंद लिया। यह परिपूर्ण है जब आपको तीन साल में इतना कुछ करने को मिलता है। अब, मुझे लगता है कि बदलाव को स्वीकार करने और निर्माताओं के फैसले का पालन करने का समय आ गया है। परिवर्तन स्थायी है और हम सभी को इसे अपनी प्रगति में लाना होगा।”

 

About the author

साक्षी बंसल

पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

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