मंगलवार, जनवरी 21, 2020

मालदीव में सोलीह थामेंगे सत्ता की कमान, अब्दुल्ला यामीन बाहर

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

मालदीव का तीसरे बहुदलीय चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार इब्राहिम सोलीह की जीत तय मानी जा रही है। हालाँकि अभी चुनाव आयोग अगले सात दिनों में नतीजे घोषित करेगा।

पिछली रात विपक्षी नेता सोलीह के समर्थकों का हुजूम सड़कों पर उनकी जीत का का जश्न मना रहा था उनके नाम के नारे हर गली में गूँज रहे थे। बीती रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेता सोलीह का कहा कि यह हम सब के लिए ये बेहद कठिन समय था। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह मालदीव कि जनता के राष्ट्रपति होंगे।

उन्होंने कहा अगले पांच वर्षों में उनकी सरकार मानवाधिकार और दायित्वों का निर्वाहन करते हुए लोकतंत्र को मज़बूत बनाने कि दिशा में काम करेगी।

वर्तमान राष्ट्रपति यामीन ने इस मसले पर अभी चुप्पी साध राखी है। वरिष्ठ नेता अहमद निहान ने ट्वीट कर बताया कि सरकार को मालदीव कि जनता निर्णय को स्वीकार करना चाहिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने विपक्ष नेता सोलीह को बधाई दी है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम हृदयपूर्वक इब्राहिंम मोहम्मद सोलीह को जीत कि शुभकामनाये देते हैं। उम्मीद है चुनाव आयुक्त जल्दी ही उनके विजय होने कि घोषणा करेगा। चुनाव में दूसरे पॉयदान पर काबिज राष्ट्रपति मोहम्मद यामीन भी चुनाव दौड़ में प्रोग्रेसिव पार्टी के उम्मीदवार थे। यामीन को चीन का करीबी जाता है।

चीन से मज़बूत रिश्ते के कारण पिछले कुछ समय में उन्होंने कई परियोजनाओं का उद्द्घाटन किया। वरिष्ठ क़ानून अधिकारी सोलीह विपक्ष से अन्य नेताओं के मुकाबले सामान्य नेता थे। ये चुनाव बहुत विवादों से घिरा था इस चुनाव के नतीजों में हेराफेरी और हिंसा के होने के होने कि उम्मीद थी।

भारत और अमेरिका जैसे देशों ने इन चुनावो पर पैनी नज़र गढ़ाई हुई थी। उन्होंने प्रशासन से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए ठोस कदमों के विषय में पूछा था।

मालदीव से निर्वासित विपक्षी नेता मोह्म्मद नशीद ने चुनाव में धांधली और हिंसा कि बात कही थी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए भारत से हस्तक्षेप के लिए आग्रह किया था।

साथ ही उन्होंने कहा हिन्द महासागर में चीन कि बढ़ती गतिविधियों का मकसद देश को गुलाम और जमीन का अधिग्रहण करना है। मालदीव ने चीन से 80 प्रतिशत कर्ज लिया है।

सोलीह ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान बार बार दोहराया था कि लोकतंत्र कि सुरक्षा का राष्ट्र के समक्ष अंतिम मौका है। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को रिहा करने का आश्वासन दिया था। इसमें राष्ट्रपति के भाई मौमून अब्दुल गयूम भी है।

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