माइक पोम्पिओ ने पीएम मोदी, एस जयशंकर से की मुलाकात, रुसी हथियार समझौते पर है फोकस

narendra modi and mike pompeo

अमेरिका के राज्य सचिव माइक पोम्पिओ मंगलवार की रात को भारत की यात्रा पर पहुंचे थे। अमेरिका ने कहा था कि वह चाहता है पीएम मोदी व्यापार बाधाओं को कम करे और निष्पक्ष व परस्पर व्यापार करे। अमेरिका के राज्य विभाग ने कहा था कि “हमारी व्यापार साझेदारी को बढ़ाने की काफी क्षमता है और उच्च स्तर की नौकरियों का सृजन किया जा सकता है अगर भारत व्यापार बाधाओं को कम कर दे तो।”

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने माइक पोम्पिओ की लंच की मेज़बानी की थी। एस जयशंकर ने कहा कि “भारत चर्चा के दौरान कारोबारी मामलो पर वार्ता के लिए समान जमीन तैयार करने की कोशिश करेगा। हम सकारात्मक रवैये से मुलाकात करेंगे। माइक पोम्पिओ के साथ मुलाकात महत्वपूर्ण है। हम बिल्कुल दोनों देशों के बीच व्यापार से सम्बंधित मामलो पर चर्चा करेंगे।”

उन्होंने कहा कि “दोनों देशों के अपने हित है और इसकी वजह से मतभेद होना समान्य है। कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए हम सामान्य क्षेत्र को ढूढेंगे।” भारत के कूटनीतिक सूत्रों ने कहा कि सभी मामलो को वार्ता की टेबल पर रखा जायेगा। जयशंकर और पोम्पिओ के बीच चर्चा का कोई भी व्यवस्थित एजेंडा नहीं है।”

भारत ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने का सौदा किया है और अमेरिका इसका विरोधी है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका से प्रतिबंधों के खतरे के बावजूद नई दिल्ली पोम्पिओ की यात्रा के दौरान अपनी स्थिति को स्पष्ट कर देगी। अमेरिका चाहता है कि भारत मिसाइल की खरीद को रद्द कर दे। अमेरिका के कानून के मुताबिक ईरान, उत्तर कोरिया और रूस के साथ कारोबारी संबंध रखने वाले देशों पर प्रतिबन्ध कगाये जा सकते हैं।

अमेरिका के साथ ईरान के तनाव पर भी संभावित चर्चा की जा सकती है। भारतीय कंपनियों ने प्रतिबंधों के कारण ईरान से तेल खरीदना बंद का दिया है। कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि “निर्णय लिया जा चुका है और भारत आज की वार्ता में तेल के वैकल्पिक स्त्रोत के बाबत चर्चा करेगा।”

इसके इलावा अहम मुद्दा एच-1 वीजा प्रणाली पर चर्चा की जाएगी। माइक पोम्पिओ भारत को आश्वस्त करेंगे कि ट्रम्प प्रशासन का एच-1 वीजा के जरिये विदेशी कंपनियों को स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोर करने के लिए मज़बूर करने की कोई योजना नहीं है।

माइक पोम्पिओ भारत और अमेरिकी कारोबारियों से भी रूबरू होंगे और शाम को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पॉलिसी स्पीच देंगे। भारत की यात्रा के बाद माइक पोम्पिओ जापान में जी-20 के सम्मेलन में जायेंगे। इस आयोजन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शरीक होंगे। समारोह के इतर अमेरिकी और भारतीय नेताओं के बीच होगी।

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