शुक्रवार, जनवरी 24, 2020

माइक पोम्पिओ के कूटनीतिक प्रयासों से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हुआ कम: अमेरिका

Must Read

जम्मू-कश्मीर : जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी अबु सैफुल्ला ढेर

दक्षिण कश्मीर में बुधवार को एक मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को मार गिराया गया। आतंकवादी की पहचान...

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने लगाया आरोप, दिल्ली में हिंसा आप और कांग्रेस की शह पर हुई

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राष्ट्रीय...

बिहार : सीएम नीतीश कुमार ने पवन वर्मा के पत्र को लेकर जताई नाराजगी कहा, ईमेल से भेजे पत्र का कोई महत्व नहीं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा द्वारा भेजे गए...
कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

अमेरिकी राज्य सचिव माइक पोम्पिओ ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।भारत के जम्मू कश्मीर राज्य के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले में एक फियादीन हमलावर ने अपनी कार को टक्कर मार दी थी। जिसमे 40 सैनिकों में अपनी जिंदगी की कुर्बानी दी थी।

माइक पोम्पिओ की भूमिका

अमेरिकी राज्य विभाग के प्रवक्ता रोबर्ट पालडिनो ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि “माइक पोम्पिओ ने कूटनीतिक का बखूबी सहारा लिया है और उन्होंने दोनों पक्षों के मध्य तनाव को कम करने के लिए एक आवश्यक भूमिका अदा की है। हमने दोनों देशों से तनाव को कम करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को निरंतर आग्रह किया था। इसमें दोनों पक्षों में सीधे बातचीत का भी प्रस्ताव था।”

उन्होंने कहा कि “हमें यकीन है कि अधिक सैन्य गतिविधि हालातों को ख़राब कर देगी। हमने पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धताओं को निभाने की हिदायत दी है, इसमें आतंकियों के पनाह न देना और उन्हें वित्तपोषित करने के सभी मार्गों को बंद कर देना है।”

राज्य सचिव ने सभी से मुलाकात की

उन्होंने कहा कि “राज्य सचिव ने हनोई से फ़ोन पर कूटनीतिक प्रयासों को अंजाम दिया था। हनोई में वह डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग जोंग से मुलाकात करने के लिए गए थे। उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत की थी। इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से बातचीत की थी।”

अमेरिका ने बुधवार को दोहराया कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में की गयी प्रतिबद्धता को निभाना चाहिए और आतंकियों को सुरक्षित पनाह व वित्तपोषण बंद करना चाहिए। राज्य विभाग ने कहा कि “सीमा पार आतंकवाद क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है, जैसे अभी भारत के सीआरपीएफ के जवानों के काफिले पर हमला हुआ था। हम दोहराते हैं कि पाकिस्तान यूएन की प्रतिबद्धताओं का पालन करें और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह व वित्तपोषित करना बंद करें।”

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

जम्मू-कश्मीर : जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी अबु सैफुल्ला ढेर

दक्षिण कश्मीर में बुधवार को एक मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को मार गिराया गया। आतंकवादी की पहचान...

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने लगाया आरोप, दिल्ली में हिंसा आप और कांग्रेस की शह पर हुई

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में आंदोलन को हवा...

बिहार : सीएम नीतीश कुमार ने पवन वर्मा के पत्र को लेकर जताई नाराजगी कहा, ईमेल से भेजे पत्र का कोई महत्व नहीं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा द्वारा भेजे गए एक पत्र को लेकर नाराजगी...

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ठप हुई पाकिस्तान-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना

पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन सीनेट में सरकार ने बताया कि ईरान पर लगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण पाकिस्तान-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना का काम...

पाकिस्तान : ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की भ्रष्टाचार पर रिपोर्ट को विपक्ष ने बताया इमरान सरकार के खिलाफ चार्टशीट

पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने भ्रष्टाचार पर निगाह रखने वाली वैश्विक संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार सूचकांक में पाकिस्तान की स्थिति और खराब होने...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -