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मनोहर पर्रिकर: राहुल गाँधी ने शिष्टाचार भेंट को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया

मनोहर पर्रिकर: राहुल गाँधी ने शिष्टाचार भेंट को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को राफेल सौदे में उनका नाम घसीटने पर लताड़ लगाते हुए कहा कि उन्होंने शिष्टाचार भेंट को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया है जबकि गाँधी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने वही कहा है जो पहले से ही लोगों के सामने है, नाकि उनकी मुलाकात से कुछ उठाया है।

कोच्ची में मंगलवार को राहुल गाँधी ने कहा था कि पर्रिकर ने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बनाये गए नए राफेल सौदे से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनका ये बयान, पर्रिकर से उनके कार्यालय में मिलने के बाद आया था।

दावों को खारिज करते हुए, पर्रिकर ने एक पत्र द्वारा गाँधी पर ‘राजनीतिक अवसरवाद’ का इलज़ाम लगाते हुए निराशा जताई। उन्होंने लिखा-“कल यानी 29 जनवरी को बिना किसी पूर्व सूचना के, आपने मुझे कॉल कर मेरी तबियत के बारे में पूछताछ की। हमारे भारत में स्वस्थ राजनीतिक परंपरा है जिसमे हम द्विदलीय विचार से ऊपर उठ कर अपने विपक्षियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

“आपने मेरा नाम लेते हुए कहा था कि राफेल की खरीद की प्रक्रिया में मैं कही भी नहीं था और नाही मुझे इस बारे में कोई जानकारी है। मेरे साथ बिताये पांच मिनट में ना ही आपने राफेल का कोई उल्लेख किया और नाही हमने इससे संबधित कोई चर्चा की। हमारी मुलाकात में राफेल के बारे में किसी भी चीज़ का उल्लेख नहीं हुआ।”

और राहुल ने भी इसका जवाब देने में कोई देरी नहीं लगाई। उन्होंने कहा-“मेरे प्यार पर्रिकर जी, मुझे दुःख हुआ आपके द्वारा मेरे लिए लिखे गए पत्र को देखकर, मगर मेरे पढ़ने से पहले ही आपने इसे प्रेस में लीक कर दिया। जब हम गोवा में कल मिले थे तो मैंने हमारी मुलाकात की एक भी डिटेल साझा नहीं की। जबसे हम मिले हैं, मेरे दोनों भाषणों में, मैंने वही कहा है कि जो पब्लिक डोमेन में है। आपसे मेरी मुलाकात गंभीर तौर पर व्यक्तिगत थी।”

आगे राहुल ने पर्रिकर पर पीएम मोदी का दबाव बताते हुए कहा-“पर्रिकर जी, मैं आपकी स्थिति से सहानुभूति रखता हूँ। मैं समझता हूँ जो आपके ऊपर इतना दबाव आ गया होगा हमारी मुलाकात के बाद। दबाव जिसने आपको पीएम और उनके साथी की तरफ अपनी निष्ठा प्रकट करने के लिए इतना असामान्य कदम उठाने के लिए मजबूर किया और मुझ पर अव्यवहारिक ढंग से हमला किया।”

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साक्षी बंसल

पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

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